अमर उजाला ब्यूरो
पिथौरागढ़। विद्युत परियोजना खराब होने से जिले का सबसे अंतिम और दुर्गम गांव नामिक पिछले एक माह से अंधेरे में डूबा है। बिजली नहीं होने से टीवी सेट बंद हैं। यहां के लोगों को देश दुनिया का हाल तक पता नहीं चल पा रहा है। गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। नामिक गांव पिथौरागढ़ जिले का सबसे अधिक दुर्गम गांव है। गांव में अभी तक ग्रिड की बिजली नहीं है। स्थानीय नदी में गांव के 114 परिवारों के लिए लघु जल विद्युत परियोजना बनाई गई है। यह परियोजना एक माह पूर्व खराब हो गई थी। लॉक डाउन के कारण उरेड़ा की ओर से संचालित इस परियोजना में सुधार नहीं हो पाया है, जिससे पूरा गांव अंधकार में डूबा हुआ है। बिजली नहीं होने से टेलीविजन शोपीस बने हैं। कोरोना संकट के इस दौर में लोगों को देश दुनिया से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। गांव में मोबाइल नेटवर्क भी नहीं आता है। नामिक की ग्राम प्रधान तुलसी देवी ने राशन वितरित करने गांव गए मुनस्यारी महोत्सव समिति के सदस्यों को समस्या से अवगत कराया। मुनस्यारी के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने उरेड़ा से विद्युत परियोजना में आई खराबी को दूर करने की मांग की है। इधर उरेड़ा परियोजना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार खराब उपकरण हल्द्वानी से मंगाया गया है। शीघ्र ही खराबी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।