पिथौरागढ़। सोरघाटी का प्रमुख मोस्टामानू मेला बुधवार को शुरू हुआ। पूर्व विधायक चंद्रा पंत और डीएम डॉ. आशीष चौहान ने मेले का शुभारंभ किया। डीएम ने कहा कि मोस्टामानू मंदिर मानसखंड कॉरिडोर में शामिल किया गया है। मेला और मेला स्थल के स्वरूप को और बेहतर किया जाएगा।
पूर्व विधायक चंद्रा ने कहा कि यह मेला निरंतर नई ऊंचाइयां छू रहा है। मेले महोत्सवों के माध्यम से हमारी लोक संस्कृति का संरक्षण भी होता है। मेला शुरू होने पर क्षेत्र की महिलाओं ने परंपरागत परिधानों में कलश यात्रा निकाली। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सांस्कृतिक दलों के साथ ही अन्य दलों के कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। एयर बैलून हवा में छोड़कर एकता, शांति का संदेश दिया। ढोल, नगाड़ों की धुन पर छलिया कलाकारों ने नृत्य किया।
गायक कैलाश कुमार, लोकगायक नवीन भट्ट, नारायण सोराड़ी, प्रकाश रावत की एकल प्रस्तुति ने मनमोहक प्रस्तुति दी। जीआईसी गोरंगचौड़, सोर वैली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। दीवान सिंह वल्दिया, जनार्दन उप्रेती, ललित शौर्य ने संचालन किया। मुख्य मेला एक सितंबर को होगा। मोस्टा देवता का डोला निकलेगा। मुख्य मेले में हजारों की संख्या में भीड़ जुटेगी।
इस मौके पर मेला अध्यक्ष भगवान सिंह बिष्ट, संरक्षक भूपेश पंत, मेला सह संयोजक प्रकाश जोशी, गीता पंत, राकेश देवलाल, ग्राम प्रधान मंजू बिष्ट, जसवंत सिंह बिष्ट, लीलांबर गुरुरानी, मिलाप सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट, एनडी कांडपाल, हर सिंह बिष्ट, गणेश कांडपाल, त्रिलोक सिंह बिष्ट आदि रहे।
सरकारी विभागों ने लगाए स्टाल
पिथौरागढ़। मोस्टामानू मेले में विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से स्टाल भी लगाए गए हैं। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कृषि विभाग, उद्योग, समाज कल्याण, आयुर्वेदिक, बाल विकास आदि विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इन स्टालों के माध्यम से मेलार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी।