पिथौरागढ़। पांच लाख की आबादी वाले पिथौरागढ़ जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। जिला अस्पताल सहित जिले के 10 अस्पतालों में चिकित्सकों के 173 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 40 से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिले के एकमात्र सुविधा संपन्न जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का पद सात साल से खाली है। चिकित्सालय में स्वीकृत 41 चिकित्सकों में से 14 पद रिक्त चल रहे हैं। जिले में गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी में सीएचसी जबकि धारचूला में संयुक्त अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इग्यारदेवी, बड़ालू, कनालीछीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। इन केंद्रों से मरीजों को हायर सेंटर जिला अस्पताल ही रेफर कर दिया जाता है। अभी तक विभिन्न अस्पतालों में बांडधारी चिकित्सक कार्यरत थे। बांडधारी चिकित्सकों के पीजी करने के लिए चले जाने से प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सबसे अधिक दिक्कत हो गई है।जिले में स्टाफ नर्स की भी यही स्थिति है। जिले के अस्पतालों में 125 पद स्वीकृत हैं। इसके विपरीत केवल 65 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं। 60 पद रिक्त चल रहे हैं।
कोट
चिकित्सकों के पीजी कोर्स में जाने के कारण कुछ स्वास्थ्य केंद्र खाली हो गए हैं। अगर शासन से बांडधारी चिकित्सक मिलेंगे खाली हो चुके स्वास्थ्य केंद्रों में उनकी तैनाती की जाएगी।
-डॉ. एचएस ह्यांकी, सीएमओ।