पिथौरागढ़। जिले में बृहस्पतिवार रात से शुरू हुआ बारिश का क्रम चौथे दिन रविवार को भी नहीं थमा। मलबा आने से जिले की लाइफ लाइन कही जाने वाली पिथौरागढ़-घाट सहित 21 सड़कें बंद हैं। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
बारिश के कारण पिथौरागढ़-घाट एनएच में दिल्ली बैंड सहित तीन से अधिक स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया।
थल-मुनस्यारी सहित 20 अन्य सड़कें भी बंद हैं। पिथौरागढ़-घाट सड़क बंद होने से यात्री वाहन फंसे हैं। हल्द्वानी जाने के लिए थल-सेराघाट सड़क के भी बंद रहने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। झूलाघाट-बलतड़ी मोटर मार्ग के बंद होने से ग्रामीण खासे परेशान हैं। गांव तक जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पा रहा है। पिथौरागढ़ से शहरों की ओर जाने वाले अधिकतर लोगों को यात्रा स्थगित करनी पड़ी है। रविवार को भी दिनभर लोग घरों में दुबके रहे।
चार दिन से हो रही बारिश का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ा है। ग्रामीण इन दिनों फसलें समेट रहे थे। लगातार हो रही बारिश से फसलों के खेतों में ही खराब होने की आशंका बढ़ गई है। चारा संग्रहण के लिए काटी जा रही घास भी सड़ने लगी है। इससे ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
न दूध पहुंचा, न सब्जी के वाहन
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट नेशनल हाईवे बंद होने के कारण जरूरी वस्तुओं की किल्लत पैदा होने लगी है। रविवार को भी दूध, सब्जी आदि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति वाले वाहन रास्ते में फंसे रहे। हालांकि शनिवार शाम को कुछ समय के लिए मार्ग खुलने के दौरान सब्जी के वाहनों के पिथौरागढ़ पहुंचने से अभी किल्लत पैदा नहीं हुई है लेकिन आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को ताजी सब्जियां और फल नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि जिला मुख्यालय में आंचल दूध की आपूर्ति जारी रही। मार्ग बंद होने से समाचार पत्र भी जिले में नहीं पहुंच पा रहे हैं। सड़क के कई बार बंद होने से पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
जिले भर के बाजारों में छाई सुनसानी
पिथौरागढ़। लगातार चार दिन से बारिश के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल सके। इस कारण बाजारों में भी सुनसानी छाई रही। जिले के डीडीहाट, धारचूला, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, कनालीछीना, मुनस्यारी, अस्कोट, बलुवाकोट, जौलजीबी, मुवानी, थल, पांखू आदि कस्बों में बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारी दिनभर खाली हाथ बैठे रहे। चाय बेचने वालों के साथ ही अन्य व्यापारियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा।
शव दाह में आ रहीं मुश्किलें
पिथौरागढ़। लगातार बारिश होने और सड़क बंद होने से शव दाह में सबसे अधिक मुश्किलें आ रहीं हैं। पिथौरागढ़ नगर सहित अधिकांश गांवों से शव दाह के लिए लोग रामेश्वर घाट जाते हैं। पिथौरागढ़ से लेकर घाट तक सड़क कई स्थानों पर बंद होने और रुक-रुककर पत्थर गिरने से कुछ स्थानों पर सड़क पैदल चलने लायक भी नहीं है। ऐसे में लोगों को थल या झूलाघाट जाना पड़ रहा है।
यह सड़कें हैं बंद
मसूरीकांडा-होकरा, गिनी बैंड-समकोट, नाचनी-भैंसकोट, छिरकिला-जम्कू, बैराट-बौगाड़ बैराजुबर, सानदेव-तुरगोली, दिगतोली-द्यूड़ी, कांटेगांव-सिखोला, बड़ाबे-सिलिंग्या, नैनीपातल-मड़मानले-कठपतिया, गुरना-गोगिना-सल्ला, सल्ला-रौतगड़ा, झूलाघाट-बलतड़ी, गाला-जिप्ती, तवाघाट-घट्टाबगड़, पिथौरागढ़-धारचूला, घट्टाबगड़-लिपुलेख, गुंजी-कुटी-जौलिंगकांग, पिथौरागढ़-घाट, थल-मुनस्यारी, जौलजीबी-मुनस्यारी।
चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही काली नदी
पिथौरागढ़। जिले में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के बाद नदियां फिर से उफान पर आ गईं हैं। काली नदी चेतावनी स्तर के ऊपर बहने लगी है। काली का चेतावनी स्तर 889 मीटर है जबकि नदी 889.50 मीटर पर बह रही है। हालांकि प्रशासन ने पहले ही नदी किनारे रहने वाले लोगों को नदी किनारे न जाने की चेतावनी जारी कर दी थी। प्रशासन भी नदी किनारे बसी आबादी पर नजर बनाए हुए है। गोरी, रामगंगा, सरयू नदी का भी जलस्तर बढ़ा है। नगर क्षेत्र की रई, महादेव, धोबी घाट सहित अन्य नदी-नाले उफान पर हैं।
बारिश का विवरण
पिथौरागढ़ 84.00 मिमी
बेड़ीनाग 58.00 मिमी
धारचूला 51.60 मिमी
गंगोलीहाट 43.30 मिमी
मुनस्यारी 35.20 मिमी
डीडीहाट 35.00 मिमी
एनएचपीसी की पावर चैनल, शारदा नहर की जलापूर्ति रोकी
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल एवं शारदा नहर में पानी छोड़ना सुरक्षा के लिए बंद कर दिया गया। इससे एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन एवं उत्तराखंड जलविद्युत निगम के लोहियाहेड पावर स्टेशन में बिजली बननी बंद हो गई है। पावर चैनल एवं नहर में पानी छोड़ने के बाद ही दोनों विद्युत गृहों में उत्पादन संभव होगा।
टनकपुर बैराज से एनएचपीसी की पावर चैनल की जलापूर्ति करीब 12 बजे रोक दी गई। बनबसा बैराज से निकली शारदा नहर में भी करीब डेढ़ बजे पानी की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। बैराजों के सभी गेट खोल दिए गए हैं। इस कारण सारा पानी नदी में जा रहा है। गंदे (मलबे वाले) पानी से पावर हाउस की टरबाइन के रोटरों के ब्लेड भी घिसने लगते हैं जिसे रोकने के लिए पावर चैनल और नहर की जलापूर्ति बंद की जाती है।
बनबसा बैराज पर वाहनों का संचालन रोका
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी का जलस्तर रविवार दोपहर 12 बजे एक लाख क्यूसेक से बढ़कर 1,06,458 क्यूसेक पहुंच गया जबकि सुबह आठ बजे 80,398 क्यूसेक पानी था। दोपहर एक बजे 1,27,048, दो बजे 1,36,410 क्यूसेक जलस्तर हो गया। इस कारण शारदा बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों का संचालन रोक दिया गया। नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होने के बाद ही बैराज पर वाहनों का संचालन संभव हो पाएगा।
जिले में 12 तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार
पिथौरागढ़। नगर में छह से आठ अक्तूबर तक 185 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अभी 10 से 12 अक्तूबर तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
सीमांत जिले में छह अक्तूबर की रात 11 बजे से बारिश शुरू हुई थी। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. चेतन कुमार भट्ट ने बताया कि अभी 10 से 12 अक्तूबर तक भी हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है। उन्होंने बताया कि अधिक बारिश से खेतों में जलभराव हो गया है। इसके लिए उचित जल निकासी की जरूरत है। उन्होंने किसानों से जल निकासी के लिए चैनल बनाने, पकी फसल और सब्जियों की कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।
पिथौरागढ़-घाट एनएच में पहाड़ी से गिर रहे पत्थरों से लोगों को सावधान करने के लिए मौके पर तैनात घाट ?- फोटो : PITHORAGARH