गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। बारिश के दौरान सड़कें दुरुस्त रहें, इसके लिए विभाग की तैयारी का अंदाजा गेरूवा-लाली-भाटगांव सड़क को देखकर लगाया जा सकता है। यह सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश के बाद सड़क पानी से लबालब भरी है। सड़क में पैदल चलने वाले राहगीरों को रोज दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सड़क पर बने गड्ढों में भरे पानी के कारण पैदल चलने वालों को एक किमी तय करने में आधे घंटे से अ्धिक समय लग जाता है। सड़क पर दोपहिया, चाौपहिया वाहन लगातार आवाजाही करते हैं। इससे कीचड़ से बचने के लिए पैदल यात्रियों को कई जगह रुकना पड़ता है। यह सड़क बेलपट्टी के रोल, मटेला, धराड़ी, सिनलेख, कुंतोला, रेगल, सुगड़ी, चोरपाल, नागधूना, शिवना, पव्वाधार, बाजारगडा, सलाण गांव को जोड़ती है।
इन गांव से रोज दर्जनों वाहन तहसील मुख्यालय तक आते जाते हैं। दीपक कुमार, हरि सिंह, नैन सिंह, गोपाल सिंह, ललित मोहन ने बताया कि विभाग से अनेक बार सड़क ठीक करने की मांग की जा चुकी है। सड़क पर तीन वर्ष पहले डामरीकरण हुआ था, लेकिन डामरीकरण के कुछ ही दिनों के बाद लोगों ने डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।
भागवत कथा के दौरान की थी सड़क ठीक करने की मांग
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। पिछले दिनों छिमाल देवी के मंदिर में संपन्न हुए देवी भागवत कथा के दौरान पीएमजीएसवाई के अधिकारी से अनेक संगठनों ने सड़क ठीक करने की मांग की थी। पीएमजीएसवाई के अधिकारी संबंधित ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई कर सड़क ठीक करने की बात तो करते हैं लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। पीएमजीएसवाई के ईई एसएन उपाध्याय का कहना है कि सड़क किनारे नालियां बनाने, गड्ढों को भरने के लिए मजदूर लगाए गए हैं। बारिश के कारण काम नहीं हो पा रहा है। इस महीने काम पूरा हो जाएगा।