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Pithoragarh News: जर्जर स्कूल में बच्चों को पढ़ता देख विधायक नाराज

Fri, 14 Jul 2023 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ विधानसभा के जीर्णशीर्ण हो चुके प्राथमिक विद्यालय झूणी मलान का निरीक्षण करते विधायक मय
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पिथौरागढ़। कांग्रेस विधायक मयूख महर ने झूणी मलान क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने ग्रामीणों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विधायक ने जीर्णशीर्ण हो चुके प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ता देख नाराजगी प्रकट की। उन्होंने विधायक निधि से विद्यालय को ठीक करने के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र विद्यालय को ठीक नहीं करने पर सीईओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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झूणी मलान क्षेत्र के भ्रमण के दौरान लोगों ने विधायक को जंगली जानवरों से खेतीबाड़ी को हो रहे नुकसान की समस्या को रखा। विधायक ने प्राथमिक विद्यालय झूणी के जीर्णशीर्ण होने पर नाराजगी प्रकट की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फोन कर उन्हें फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि विद्यालय में 30 बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय के साथ चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र में 10 बच्चे पढ़ते हैं। विद्यालय भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य के लिए विभिन्न मदों से धन की व्यवस्था होती है, लेकिन इसके बाद भी विद्यालय की मरम्मत के लिए धन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। जो वर्षा ऋतु में जर्जर हो चुके भवन के नीचे पठन पाठन करने को मजबूर हैं जहां कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
उन्होंने शिक्षा विभाग को चेतावनी देए हुए कहा कि विभाग क्षतिग्रस्त स्कूल के भवन को जल्द ठीक नहीं करेगी तो वह मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना शुरू कर देंगे। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख बिण प्रतिनिधि संतोष गोस्वामी, ज्येष्ठ प्रमुख गजेंद्र बिष्ट, ग्राम प्रधान पप्पी बसेड़ा, क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश ज्याला, प्रधान मलान पीसी ज्याला, गौरव महर, ग्राम प्रधान देवराज सिंह मौजूद रहे।
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जर्जर भवन से सहमे अभिभावक, 30 छात्रों ने कटवाया नाम

लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय भवन के बुरे हाल हैं। सात दशक पुराने स्कूल भवन में खतरे के मद्देनजर अभिभावक बच्चों को स्कूल में भेजने से कतरा रहे हैं। इस शिक्षा सत्र में 30 अभिभावकों ने अपने बच्चों के नाम कटा कर दूसरे स्कूलों में भेज दिया है। जर्जर स्कूल भवन के चार कमरों में अब भी 95 छात्र-छात्राएं बारिश में खौफ के साये में पढऩे को मजबूर हैं।
1953 में बना विद्यालय भवन थोड़ी सी बारिश में टपकने लगता है। छात्र-छात्राओं को बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक की पन्नी डाली गई है। मिट्टी से बनी दीवारों में आई दरारें भी चौड़ी होने लगी हैं। जो किसी भी समय हादसे को अंजाम दे सकती है। भवन की छत में डाली गई बल्लियों को दीमक ने खोखला किया हुआ है। प्रधानाध्यापक कक्ष की लिंटर में सरिया दिख रही है।

विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष खुशी गिरि का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा के प्रति विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। कई बार जर्जर विद्यालय भवन की हालत सुधारने की मांग की जा चुकी है, लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। संवाद
राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक महेश चंद्र उप्रेती का कहना है कि 70 साल पूर्व बने विद्यालय भवन के हाल खराब हैं। भवन में जगह जगह दरारें आने के साथ बारिश में छत टपकती है। भवन की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। सुरक्षा को देखते हुए मौजूदा शिक्षा सत्र में 30 अभिभावकों ने अपने बच्चों को यहां से दूसरे विद्यालयों में भेज दिया है।

खंड शिक्षाधिकारी भानु प्रताप कुशवाहा का कहना है कि लोहाघाट के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के पुराने भवन के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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