पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की कार्यशाला हुई। कार्यशाला में बताया गया कि नाबालिगों के लिए तंबाकू खरीदना अपराध है। धारा 6 (ख) में किसी भी शैक्षिक संस्थान की 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पादों को बेचना, रखना और धूम्रपान करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ पिथौरागढ़ और बालाजी सेवा संस्थान देहरादून की ओर से विकास भवन में तंबाकू नियंत्रण पर संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। बालाजी सेवा संस्थान के डिविजनल कोआर्डिनेटर अजीत सिंह ने तंबाकू नियंत्रण एवं कोटपा एक्ट-2003 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना निषेध है। धारा 6(क) 18 वर्ष तक की आयु वर्ग के नाबालिगों के लिए तंबाकू उत्पादन खरीदना, बेचना दंडनीय अपराध है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. आरके जोशी ने तंबाकू सेवन से कैंसर, अल्सर, टीबी, लकवा, नपुंसकता, गर्भवतियों से मृत बच्चे का जन्म होना, अस्थमा, असामान्य रक्तचाप आदि गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में शिक्षा विभाग, समाज कल्याण, डिग्री कालेज, पुलिस विभाग, गैरसरकारी संगठनों, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, पंचायती राज अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि शामिल रहे। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया, हिमानी जोशी, दीपक बडोला, योगेश भट्ट, फूलमती ह्यांकी, डॉ. अनुराग आदि शामिल रहे।