पिथौरागढ़। भारत और उज्बेकिस्तान की सेना के बीच दस्तलिक युद्धाभ्यास आतंकवादी और विद्रोहियों से निपटने के अभ्यास के साथ संपन्न हो गया है। 14 दिन तक चले संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों के जवानों ने एक-दूसरे की संस्कृति, शैक्षणिक योग्यता, हथियार संचालन, युद्ध कौशल के बारे में जानकारियां साझा कीं।
सैन्य छावनी स्थित एक पहाड़ी पर शनिवार को दोनों देशों के जवानों ने युद्धाभ्यास किया। इस दौरान जंगलों, ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में छुपे आतंकवादियों से निपटने का अभ्यास किया गया। दोनों देशों के सैनिकों ने खोजी कुत्तों की मदद से आतंकियों को काबू करने की तकनीक साझा की।
लेफ्टिनेंट कर्नल अमित कुमार डिमरी एससी के नेतृत्व में गढ़वाल राइफल्स की 14वीं बटालियन के 45 और लेफ्टिनेंट कर्नल शेरजोद गुफरोव के नेतृत्व में उज्बेकिस्तान सेना के उत्तर पश्चिमी सैन्य जिले की 53008 मोटराइज्ड इंफैंट्री रेजीमेंट के 45 सैनिकों ने युद्धाभ्यास किया।
भारतीय सेना के 32 इन्फैंट्री ब्रिगेड के ब्रिगेडियर मयंक वैद और उज्बेकिस्तान रक्षा मंत्रालय के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल शौकत झोन सोरमोनकुलोउ ने कहा कि दोनों देशों के बीच भविष्य में भी युद्धाभ्यास होगा। उन्होंने कहा कि युद्धाभ्यास का लाभ दोनों देशों के सैनिक आतंकी गतिविधियों को समाप्त करने में सजगता से करेंगे। इस युद्धाभ्यास से दोनों देशों के बीच रिश्ते और अधिक मजबूत होंगे।