धारचूला में निकायों के ओबीसी आरक्षण पर जनसुनवाई करते पूर्व न्यायमूर्ति बीएस वर्मा। संवाद
धारचूला (पिथौरागढ़)। शहरी निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वेक्षण के लिए एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष उच्च न्यायालय नैनीताल के पूर्व न्यायमूर्ति बीएस वर्मा की अध्यक्षता में जन सुनवाई हुई। पूर्व पालिकाध्यक्ष अशोक नबियाल ने कहा कि सीमांत क्षेत्र जनजाति बहुल है। मतदाता सूची के आधार पर ही आरक्षण तय किया जाना चाहिए।
इससे पहले पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष राजेश्वरी देवी, अधिशासी अधिकारी पीएस बोरा ने अतिथियों का स्वागत किया। गोरखा समुदाय के अध्यक्ष भूपेंद्र थापा ने कहा कि राजनीतिक तौर पर ओबीसी के लोग नगर में पिछड़े हैं। ऐसे में ओबीसी समुदाय को भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
रं कल्याण संस्था के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के 154 जातियों को ओबीसी का दर्जा देने के बाद क्षेत्र में मूल रूप से ओबीसी समुदाय के लोगों को नुकसान हुआ है। अनवाल समुदाय के अध्यक्ष गुमान बिष्ट ने कहा कि ओबीसी सर्वेक्षण के दौरान संख्या के निर्धारण में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर ने पूर्व में कराए गए ओबीसी सर्वेक्षण की सूची जारी करने की मांग की।
इस दौरान आयोग के सदस्य सचिव राज ओंकार सिंह, शहरी विकास के सहायक निदेशक विनोद कुमार, सभासद बीरेंद्र गर्ब्याल, प्रेमा कुटियाल, बेला शर्मा, राधा मर्तोलिया, जानकी गुंज्याल, नंदा बिष्ट, कमल कौशल आदि मौजूद रहे।