पीएम नरेंद्र मोदी को देखने के लिए गुंजी में पहुंची महिलाएं। संवाद
गुंजी (पिथौरागढ़)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र तल से 10,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी गांव में लोगों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम ने स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक नगाड़ा भी बजाया। पीएम ने कहा कि धारचूला क्षेत्र से मेरा पुराना लगाव है।
बृहस्पतिवार को पीएम मोदी का वाइब्रेंट गांव गुंजी में स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया। पीएम ने यहां लगाए गए रं कल्याण संस्था के म्यूजियम को देखा और रं संस्कृति से रूबरू हुए। रं म्यूजियम के डायरेक्टर डॉ. रवि पतियाल और कृष्णा गर्ब्याल ने पीएम को चांदी का जल पात्र और तांबे के पात्र में भोजपत्र भरकर भेंट किए। पीएम ने कुशुमा गुंज्याल की चार वर्षीय पोती हंशिमा गुंज्याल और दशरथी गुंज्याल की पोती रितवी गुंज्याल से मुलाकात की। पीएम ने मुस्कुराकर दोनों बच्चों से दिल्ली चलने को कहा।
बच्चों के प्रति पीएम के स्नेह को देखते लोग अभिभूत हो गए। उनका कहना है कि यह पल उन्हें जिंदगी भर याद रहेगा। इस दौरान पीएम को मुनस्यारी देवभूमि स्वयं सहायता समूह की कमला लस्पाल और नीमा धर्मशक्तू ने अंगूरा खरगोश के ऊन से बने शॉल और मोजे भेंट किए। उन्होंने प्रधानमंत्री को हिमनगरी मुनस्यारी आने का भी न्यौता दिया।
इस दौरान पीएम ने नया सवेरा धारचूला की ओर से अरुणा गुंज्याल और जै गोलू स्वयं सहायता समूह की ओर से लगाए गए उत्पादों को देखा। पीएम ने सीमांत की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांत भ्रमण से यहां से ऊनी उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। गुंजी से प्रधानमंत्री सुबह 9:45 बजे मिनट पर हेलीकाॅप्टर से जागेश्वर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।