संवाद न्यूज़ एजेंसी
पिथौरागढ़। कोरोना वायरस के कहर के बाद पिथौरागढ़ डिपो में पिछले आठ दिनों से रोडवेज की 78 बसें खडीं हैं। इससे रोडवेज को रोजाना 9 लाख रुपये का नुक़सान हो रहा है। रोडवेज बसों के खड़े होने के बाद चालक-परिचालकों को तनख्वाह ना आने का डर भी सता रहा है। अभी तक परिवहन निगम को 72 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। रोज हो रहे नुकसान के बाद परिवहन निगम की चिंताएं बढ़ गई हैं। शीघ्र ही कोरोना पर काबू नहीं पाया गया तो रोडवेज को तगड़ी चपत लग सकती है। चालक परिचालकों को सता रहा है सैलरी न मिलने का डर पिथौरागढ़। लॉकडाउन के बाद पिछले 8 दिनों से रोडवेज चालक परिचालक घरों में बैठे हुए हैं। चालक परिचालक का कहना है कि उनको सैलरी नहीं मिली तो उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की चुनौतियां होंगी।
कोट- लॉककडाउन के कारण 8 दिनों से 78 रोडवेज बस डिपो में खड़ी हैं। जिससे रोडवेज को प्रतिदिन ₹9लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। चालक और परिचालकों को इस बीच सैलरी देने के लिए अभी तक शासन से कोई निर्देश नहीं मिल पाया है। शासन के निर्देश के बाद ही चालक परिचालक को सैलरी दी जाएगी। आरके आर्या ,एआरएम रोडवेज पिथौरागढ़।