नाचनी के चामी भैंसकोट गांव में आग से झुलसे लीची के बाग।
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नाचनी (पिथौरागढ़)। सुंधरीनाग के जंगल की आग से चामी भैंसकोट गांव में 18 साल पहले स्थापित लीची का बगीचा जलकर खाक हो गया है। एक हेक्टेयर में लगे फलदार बगीचे के जलने से तीन किसानों को नुकसान हुआ। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। सूचना के बाद उद्यान विभाग ने बगीचे का निरीक्षण किया। बाग 29 मार्च की रात लगी आग से जलकर बर्बाद हो गया था। आग से 250 लीची, 200 अमरूद, 150 नींबू आदि फलदार पेड़ जल गए। प्रभावित किसान कुंवर राम, गोपाल राम और उमेद राम ने बताया कि इस बार लीची की पैदावार अधिक होने की उम्मीद थी। प्रधान हरीश मेहरा ने कहा कि शीघ्र प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। उद्यान सहायक हेम सिंह शाही ने बताया कि तीनों किसानों ने एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2003 में उद्यान विज्ञान मिशन योजना से बगीचा स्थापित किया था। बगीचे में ड्रिप सिंचाई लाइन भी स्थापित की गई थी। शाही ने बताया कि लीची के पेड़ आग से झुलसने के बाद जीवित नहीं हो पाते हैं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष का लीची पेड़ औसतन 150 से 200 किलो फल देता है।