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Pithoragarh: लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन व्यापार की राह खुलेगी, तकलाकोट में बन रही नई आधुनिक मंडी

Mon, 23 Mar 2026 01:41 PM IST
गायत्री जोशी दिनेश अवस्थी

सार

कोरोना काल के बाद बंद पड़ा सीमांत व्यापार अब फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद जगा रहा है। लिपुलेख दर्रे से होने वाला पारंपरिक व्यापार इस सीजन में फिर से शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
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चीन स्थित तिब्बत के तकलाकोट में भारतीय व्यापारियों के लिए बन रहा नया मंडी स्थल। - फोटो : स्रोत: डीएस रायपा
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विस्तार
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पिथौरागढ़ में कोरोना काल के बाद सीमांत जिला पिथौरागढ़ के व्यापारियों के लिए खुशखबरी है। भारत-चीन के बीच लिपुलेख दर्रे से होने वाला पारंपरिक व्यापार इस सीजन में फिर से शुरू होने की उम्मीद जग गई है। विदेश मंत्रालय की ओर से व्यापार शुरू करने के लिए अनापत्ति (एनओसी) दिए जाने के बाद प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

वर्ष 2019 में कोरोना काल के बाद दोनों देशों के बीच लिपुलेख दर्रे से व्यापार बंद है। भारत-चीन व्यापार समिति के सदस्य लगातार व्यापार खोलने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए थे। समिति के महासचिव दौलत सिंह रायपा ने बताया कि एक शिष्टमंडल इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिला था।

उन्होंने बताया कि अब दोनों देशों के बीच लिपुलेख दर्रे से व्यापार खुलने की संभावना से क्षेत्र के व्यापारियों में बेहद खुशी है। बताया कि तकलाकोट में चीन की ओर से भारतीय व्यापारियों का सामान रखने के लिए अलग से नई मंडी बनाई जा रही है। पहले रियायती दरों में नेपाल के तिंकर एवं छांगरू के व्यापारियों के साथ ही भारतीय व्यापारियों को भी सामान रखने के लिए जगह मिलती थी जो कम पड़ती थी।

अब तकलाकोट में भारतीय मंडी के नए भवन बनाए जा रहे हैं। इससे यहां के व्यापारियों को काफी सुविधा होगी। रायपा ने बताया कि समिति की ओर से पूर्व की भांति ही रियायती दरों पर दुकानें उपलब्ध कराने के लिए वाणिज्य मंत्रालय को पत्र भेजा गया है। यह व्यापार जून से अक्तूबर के बीच चलता है। पिछली व्यापार अवधि (2019) में करीब 3.15 करोड़ का कुल कारोबार हुआ था। संवाद

भारत से निर्यात                                    चीन (तिब्बत) से आयात

मसाले, चाय पत्ती, सूखे मेवे ऊन,             पशमीना, बोरेक्स (सुहागा)

तांबे के बर्तन, कंबल, तंबाकू                   याक के बाल, कच्चा नमक

स्टेशनरी और अन्य सामग्री                      जैकेट और जूते

युवाओं में है बेहद उत्सुकता

छह साल बाद शुरू होने वाले भारत-चीन व्यापार को लेकर सीमांत के युवा व्यापारियों में काफी उत्साह है। भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने बताया कि इस बार युवा अधिक संख्या में व्यापार के लिए तकलाकोट पहुंचेंगे। महासचिव दौलत सिंह रायपा ने बताया कि 2019 में 250 व्यापारियों के पासपोर्ट बने थे। इस बार यह संख्या बढ़ सकती है।

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