पिथौरागढ़ में सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने चार साल पूर्व नाचनी में शिक्षा विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी चुकाना होगा।
मामले के अनुसार 29 जनवरी 2022 को जोशा इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात नाचनी निवासी राजेंद्र सिंह घर से ड्यूटी के लिए निकला था। दूसरे दिन उसका शव जाकुला नदी पर बने पुल के नीचे से बरामद हुआ था। मामले में मृतक के भाई ने मोडम गांव निवासी राजेंद्र सिंह पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर सौंपी थी। उसने बताया कि राजेंद्र सिंह उसके भाई के साथ पुरानी रंजिश रखता था।
जब वह घर से ड्यूटी के निकला तो राजेंद्र ने उसके भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी और उस पर पत्थर बरसाए। जब वह पुल पर पहुंचा तो उसने भाई को नीचे फेंक दिया और नदी में उतर कर पत्थरों से वार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की तो आरोप सही मिले। आरोपी राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था इस पर बृहस्पतिवार को फैसला आया। सत्र न्यायाधीश ने सभी पक्षों-गवाहों को सुनने और साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।