पिथौरागढ़ के बेरीनाग ब्लॉक के चचरेत गांव में 17 सितंबर को मां की पीठ से बंधी बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया था। प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं को सौंपी और 15 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खोज अभियान शुरू कर दिया है। प्रभागीय वन अधिकारी ने पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि का आंशिक भुगतान कर दिया है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास दो पिंजरे लगा दिए हैं। इसके साथ ही कैमरा ट्रैप और फॉक्स लाइटें भी लगाई गई हैं। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में निगरानी समिति भी गठित की गई है।
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डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि घटनास्थल आबादी से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर है, जहां आसपास झाडियां हैं। उन्होंने कहा कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई कमी सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना को लेकर संवेदना व्यक्त की है।