पिथौरागढ़ जिले में तेंदुए के हमलों की रोकथाम और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने क्विक रिस्पोंस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया है। विभाग ने टीम को ड्रोन, कैमरा आदि लगाने का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है ताकि समय आने पर टीम मानव और वन्य जीवों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने का काम कर सके।
जून-जुलाई में तेंदुए की सक्रियता बढ़ने से मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे निपटने के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने क्यूआरटी का गठन कर ड्रोन संचालन, कैमरा, पिंजरा लगाने, सुरक्षात्मक उपकरण का उपयोग, जाल से तेंदुआ पकड़ने और आबादी में घुसे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
डीएफओ जीवन मोहन दगाडे ने बताया कि टीम का नेतृत्व वन रेंजर डीसी जोशी करेंगे। टीम में युवा वनकर्मियों को रखा गया है। अभी दो माह और टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे टीम और भी अधिक परिपक्व हो जाए और मानव-वन्य जीव संषर्घों को जरूरत पड़ने पर बखूबी रोक सके। उन्होंने बताया कि वन्य जीव से संबंधी कोई भी गतिविधि होती है तो टीम उस पर काम करेगी।