पिथौरागढ़। चीन सीमा पर स्थित दारमा घाटी की सुगम होती राह पर घटखोला की पहाड़ी मुसीबत बनी हुई है। यहां करीब 400 मीटर क्षेत्र में पहाड़ से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पहले बरसात में पहाड़ दरके और अब तेज धूप निकलने के बाद पहाड़ा लगातार चटक रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण भी भूस्खलन वाले इस क्षेत्र में सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं।
दारमा घाटी में न्यू सोबला से ढाकर तक 42 किमी सड़क सीपीडब्ल्यूडी ने पूर्व में ही तैयार कर दी है। सड़क जून में बीआरओ को हस्तगत कर दी गई है। सड़क का डामरीकरण होने तक सीपीडब्ल्यूडी इसका मेंटनेंस कर रही है। सहायक अभियंता अनिल बंग्याल ने बताया कि लगातार आई आपदाओं से सड़क को काफी नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में दर गांव के घटखोला के पास लगातार भूस्खलन हो रहा है। बारिश के बाद अब तेज धूप निकलने के बाद पहाड़ चटक रहे हैं ऐसे में भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। वैसे भी इस क्षेत्र में आए दिन भूस्खलन होता रहता है।
ऊपर से गिर रहे मलबे और बोल्डर के कारण सड़क खोलने में भी खतरा बना हुआ है। यहां पूर्व में भी जबर्दस्त भूस्खलन होने से काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते ग्रामीण यहां पर सड़क का विरोध कर रहे हैं। इसकी जानकारी एई की ओर से एसडीएम धारचूला को सूचना दी गई है। राजस्व निरीक्षक घटखोला में सड़क खोलने के लिए ग्रामीणों से वार्ता कर रहे हैं। वैसे सोबला-ढाकर सड़क बनने से दारमा घाटी के 17 गांवों के साथ ही सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों को भी फायदा होगा। साथ ही दारमा घाटी में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
नहीं खुली जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क
मुनस्यारी। मुनस्यारी-जौलजीबी मुख्य सड़क सेलापानी के पास भूस्खलन से लगभग 20 दिनों से बंद है। जिस स्थान पर सड़क बंद हुई है वह बीआरओ के कैंप से 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। लोगों का कहना है कि अब बारिश थम चुकी है। इसके बाद भी सड़क को सुचारू नहीं किया गया है। वहीं थल-मुनस्यारी सड़क के हाल भी बुरे हैं। इस सड़क पर भारी वाहनों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। कई स्थानों पर जेसीबी से वाहनों को धक्का देकर निकाला जा रहा है। संवाद