मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। छह दिनों से बनिक के पास बंद थल-मुनस्यारी सड़क सोमवार को भी नहीं खुल पाई। यदि सड़क पर आवागमन शीघ्र सुचारू नहीं हुआ तो क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं का संकट गहरा सकता है। वहीं लोगों को भी आवाजाही करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुनस्यारी से 20 किमी पहले बनिक के पास करीब 300 मीटर क्षेत्र में पहाड़ से लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते सड़क बदहाल हो गई है। पहले तो हल्के वाहन किसी तरह यहां पहुंच रहे थे लेकिन सोमवार को बारिश के चलते एक भी वाहन सीधे नहीं पहुंच पाया। स्थिति यह रही कि बनिक के पास से एक पिकअप में सब्जी डालकर उसे मुनस्यारी पहुंचाया गया। बनिक में पांच दिन तक सड़क पूरी तरह बंद रही।
इसके बाद जेसीबी से धक्का देकर कुछ वाहन पार कराए गए। धक्का देने में वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्र में सब्जी आदि की किल्लत होने लगी है। लोगों में भी सड़क पर आवागमन सुचारू नहीं होने से रोष पनप रहा है। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि छह दिन में एक दिन ही वाहन यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बीआरओ को पर्यटन नगरी की लाइफ लाइन को हर हाल में दुरुस्त रखना चाहिए। उधर सेलापानी दरकोट में भी लगातार भूस्खलन जारी है।
इनसेट
सीमांत की 11 सड़कें यातायात के लिए बंद
पिथौरागढ़। भूस्खलन और मलबा गिरने से सीमांत जिले की 11 सड़कों पर आवागमन बाधित है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार रामगंगा पुल-मुनस्यारी, तवाघाट-थानीधार, सानदेव-ननपापो, डीडीहाट-हुनेरा, मदकोट-तोमिक, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमति, डोर-सैंणरांथी, आदीचौरा-सिणी और एलागाड़-जुम्मा सड़क बंद है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सुबह से ही मौसम खराब रहा। सुबह से बादल छाए रहे। दिन में जिला मुख्यालय में भी हल्की जबकि कनालीछीना सहित आसपास के इलाकों में जमकर बारिश हुई। संवाद