झूलाघाट/पिथौरागढ़। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कानड़ी गांव में खनन के लिए सड़क को अवैध तरीके से काटने का आरोप लगाया है। नाराज जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया और सड़क काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मूनाकोट की ब्लाॅक प्रमुख नीमा वल्दिया, विण की क्षेत्र प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को ग्रामीण कानड़ी गांव में एकत्र हुए। यहां उन्होंने एक दिनी उपवास और धरना प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि खनन करने के लिए अवैध तरीके से पूर्व में सड़क काटी गई थी। लोगों के विरोध के बाद सड़क का कार्य बंद कर दिया। दो दिन पहले खनन करने के लिए सड़क का निर्माण कार्य फिर शुरू कर दिया।
सड़क कटिंग के दौरान साल के कई पेड़ काटे गए हैं। ब्लाॅक प्रमुख वल्दिया का कहना है कि कुछ समय पहले झूलाघाट क्षेत्र की महिलाएं घरेलू उपयोग के लिए लकड़ियां काटकर लाई थीं जिसके बाद वन विभाग ने उन पर जुर्माना लगा दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं पर जुर्माना लगाने वाला वन विभाग अब कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है जबकि सैकड़ों वर्ष पुराने साल के पेड़ों को काट दिया गया है।
लक्ष्मी गोस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रशासन को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। महाकाली की आवाज जनसंगठन के संयोजक शंकर खड़ायत का कहना है कि कानड़ी गांव में खनन के नाम पर पट्टा दिया गया है। उन्होंने सीमांत के प्रत्येक गांव से काली नदी तक सड़क बनाने की मांग की।
इस मौके पर तड़ेमिया की जिला पंचायत सदस्य अंजली कोहली, कपिल भंडारी, पृथ्वी सौन, दीपक, भूपेंद्र सिंह, दीपक सिंह, सुंदर, गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, दिगंबर सिंह, राकेश कुमार, राजेंद्र सिंह, जीवन कोहली आदि थे।