कां रे उपजी नौली गमारा, कां रे भयो उज्यालो...
- जिले के विभिन्न हिस्सों में सातूं-आठूं की धूम
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। रामलीला मैदान में लोकपर्व सातूं-आठूं की धूम मची है। इस दौरान सोरगढ़ के देव महेश्वर की विधि-विधान से स्थापना की गई। महिलाओं ने नगर में भव्य झांकी निकाली। साथ ही रामलीला मैदान में झोड़ा, चांचरी और ठुलखेल लगाए। सातूं-आठूं देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र थी।
रामलीला मैदान में शुक्रवार को पंडित नीरज चंद्र जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महेश्वर की स्थापना की। इस दौरान महिलाओं ने खेल लगाकर कां रे उपजी नौली गमारा, कां रे भ्यो उज्यालो सहित कई गीत गाए। इस दौरान फल फटकने का प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य रेखा जोशी के नेतृत्व में छात्राओं और महिलाओं ने नगर में छोलिया नर्तकों के दल के साथ भव्य झांकी निकाली।
खेल आयोजक नारायण सोराड़ी, नवीन भट्ट, माधवी बिष्ट, जानकी रावत, श्वेता बिष्ट के नेतृत्व में महिलाओं और पुरुषों ने खेल, झोड़ा-चांचरी प्रस्तुत की। किनीगाड़ के छोलिया और विवेकानंद विद्या मंदिर के छात्रों ने सुंदर छोलिया नृत्य पेश किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए रामलीला प्रबंधकारिणी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह माहरा ने सभी का आभार जताया। इस मौके पर दुर्गा बिष्ट, हेमा गुरुरानी, प्रेमा उप्रेती, कमला भट्ट, किरन बाफिला, नर्मदा सामंत, सुशीला कार्की, आशा पुनेठा, नैनू भट्ट, अनीता भट्ट, अंजलि, अशोक पाटनी, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रकाश जोशी, जनार्दन उप्रेती, दिलीप वल्दिया, भुवन, प्रमोद पाटनी, हेमराज बिष्ट आदि मौजूद थे।
फोटो विवरण-19पीटीएच14 पी-पिथौरागढ़ में महेश्वर की प्रतिमा के साथ नगर में भव्य झांकी निकालतीं महिलाएं और छात्राएं। संवाद
फोटो विवरण-19पीटीएच15 पी- पिथौरागढ़ रामलीला मैदान हिलजात्रा का मंचन करते कलाकार। संवाद
फोटो विवरण-19पीटीएच 16पी- पिथौरागढ़ रामलीला मैदान में खेल, झोड़ा चांचरी प्रस्तुत करते लोग। संवाद
फोटो विवरण-19पीटीएच17 पी-रामलीला मैदान में सातूं-आठूं देखने के लिए उमड़ी भीड़। संवाद
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सतगढ़ में हिरन चीतल देवता ने दिया श्रद्धालुओं को आशीर्वाद
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। विकासखंड के सतगढ़ गांव के खतेड़ा, मजेड़ा और बाटकी सतगढ़ में सातूं-आठूं धूमधाम के साथ मनाया गया। देव डांगरों ने अवतरित होकर गौरा, महेश्वर का विसर्जन कर उन्हें कैलाश के लिए विदा किया। इस दौरान पंचकोटी देवखली में मां महाकाली मुखौटा नृत्य का आयोजन किया गया। मां काली ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इसके बाद बैलों की जोड़ी, गल्या बल्द आदि का मंचन किया गया। अंत में हिरन चीतल का मंचन किया गया। हिरन चितल देवता के साथ पंचकोटी देवता कासिन, छुरमल, बेताल, असुर, गोरिल, खंडेनाथ, मलयनाथ देवताओं के डंगरियों ने अवतरित होकर सभी को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मेले में दुकानें भी सजी रहीं। इन दुकानों से महिलाओं, बच्चों सहित ग्रामीणों ने खरीदारी की। संवाद
फोटो विवरण-19पीटीएच 18पी-कनालीछीना विकासखंड के सतगढ़ गांव में हिरन चितल देवता का मंचन करते कलाकार। संवाद
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धौलकांडा गांव में मनाया गया सातूं-आठूं पर्व
झूलाघाट। मूनाकोट विकासखंड के धौलकांडा गांव सहित कई अन्य स्थानों पर विधि-विधान के साथ सातूं-आठूं पर्व मनाया गया। गांव के बुजुर्ग खेलकार रामदत्त पांडेय ने कहा कि सातूं-आठूं पर्व शिव-पार्वती से संबधित है। इस दौरान लोगों ने चल्या हस्तिनापुरी.., होया भूमि का भूमिराज.., बेसन फेरी फेरी कौवा कालो, पातल फेरी सुवा हरियो.., प्योलो छ गोरीधान, प्योलो छ गात.. सहित अन्य गायन कर खेल लगाए। महिलाओं-पुरुषों ने पंचकोटी खाले और भूमिया मंदिर में खेल लगाए। इस मौके पर देवी दत्त पांडेय, त्रिलोक पांडेय, भुवन पांडेय, मनोहर पांडेय, जगदीश पांडेय, कृष्णानंद पांडेय, नंदाबल्लभ पंत, कौस्तुभांनद पंत मौजूद थे। झूलाघाट क्षेत्र के मजिरकांडा गांव में भी सातूं-आंठू धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान देवडांगरों ने अवतरित होकर लोगों को आशीर्वाद दिया। संवाद
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अस्कोट में गौरा-महेश्वर की पूजा की
अस्कोट (पिथौरागढ़)। सातूं-आठूं पर क्षेत्र की महिलाओं ने विधि-विधान के साथ गौरा-महेश्वर की पूजा की। पंडित मोहन चंद्र ओझा ने पूजा की। इस दौरान लोगों ने पंचाचुली हनसालेख जां तेरो निवास, शिवज्यु तेरा स्वामी छन घर तेरो कैलाश, खोल दे माता खोल भवानी धर्म केवाड़, आहा गोरी गंगा भागीरथी को के भलो रेवाड़ आदि गायन कर खेल लगाए। संवाद
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फोटो विवरण-19 पीटीएच 01 से 05 पी तक।