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Pithoragarh News: काली नदी उफान पर, आफत बन रही जान पर

Tue, 11 Jul 2023 10:20 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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धारचूला के खोतिला में काली नदी में समाया मकान। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। जिले के धारचूला तहसील में काली नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। भूस्खलन और नदी से हुए कटाव से खोतिला गांव में चार मकान काली नदी में समा गए हैं। तीन परिवार खतरे के कारण पिछले साल ही मकान खाली कर चुके थे। एक आपदा पीड़ित परिवार को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। डीएम रीना जोशी ने भी धारचूला पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और आपदा प्रभावितों के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे ग्राम सभा रांथी के खोतिला गांव में काली नदी के कटाव से जबरदस्त भूस्खलन हुआ। इसमें खोतिला निवासी दो भाई हसरत कुरैशी और शहादत कुरैशी का मकान काली के तेज बहाव में बह गया। घटना से पहले स्थानीय ग्रामीणों ने मकान से आननफानन कुछ जरूरी सामग्री निकाली। बाकी खाद्यान्न और कपड़ों सहित अन्य सामान मकान के साथ नदी में समा गया।
पीड़ित परिवार को हयात सिंह नबियाल के मकान में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा बृजेश सिंह कुंवर, जेकैश सिंह कुंवर और कृष्ण सिंह कुंवर के मकान भी काली नदी में बह गए। यह परिवार खतरे के कारण इन भवनों को पिछले साल ही खाली कर चुके थे।
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काली नदी से हो रहे कटाव और भूस्खलन को देखते हुए गांव के कुछ अन्य मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। इसको देखते हुए प्रशासन ने दिनेश भट्ट, प्रेम बल्लभ, तिलक राज भट्ट, दुर्गादत्त जोशी, राय बहादुर, गोविंदी देवी, भागू देवी, मीरा नबियाल, रेशमा नबियाल, धिराज नबियाल और ललित सिंह महर के परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया है। काली नदी से हो रहे कटाव के कारण खोतिला गांव के लोग डरे हुए हैं। कनिष्ठ प्रमुख भूपाल बहादुर ने बताया कि वहां गांव के कुछ मकान भी खतरे की जद में हैं। उन्होंने सुरक्षा के प्रबंध करने की मांग की है।
इनसेट
गोल्फा में कई मकान खतरे की जद में

मुनस्यारी/डीडीहाट। मुनस्यारी तहसील के ग्राम पंचायत गोल्फा में कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण घरों के आसपास की मिट्टी कमजोर होती जा रही है। मंगलवार को डीडीहाट के यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष विक्रम दानू के नेतृत्व में गोल्फा के ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए तहसीदार, राजस्व टीम और लोनिवि डीडीहाट को क्षेत्र का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देने को कहा है। इधर डीडीहाट में लगातार हो रही बारिश के चलते कुणियां ग्राम के दुष्यंत कुमार के मकान को खतरा पैदा हो गया है। मकान के आगे आंगन की दीवार ढह गई है। आंगन का मलबा खेत में जाने से कई फलदार पेड़ पौधे दब गए हैं। संवाद
इनसेट
नाला उफान पर आने से मलबे में दबीं बकरियां
धारचूला। धारचूला के कालापानी में मूसलाधार बारिश से बड़ी संख्या में बकरियां मलबे में दब गई हैं। स्थानीय बृजेश होतियाल ने बताया कि सोमवार रात को कालापानी के मंदिर के पार ऊपर से नाले में अचानक उफान आ गया। इससे सात लोगों की बकरियां मलबे में दब गईं। इस घटना में बकरीपालक बाल-बाल बच गए। बकरियों का कितना नुकसान हुआ है अभी इसका पता नहीं चल पाया है। उन्होंने प्रशासन से क्षति का आकलन कर बकरी पालकों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
संवेदनशील स्थलों पर लगाएं क्रश बैरियर : डीएम
डीएम ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। डीएम रीना जोशी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों से जनपद के खतरनाक स्थलों पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सड़क किनारे क्रश बैरियर लगाने के निर्देश दिए
उन्होंने एनएच के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनएच में दिल्ली बैंड पर क्रश बैरियर लगाने के साथ ही जेसीबी तैनात रखी जाए। एनएच का यदि बड़ा हिस्सा भूस्खलन से प्रभावित होता है तो उस स्थिति से निपटने के लिए भी योजना बनाकर रखें। डीएम ने एआरटीओ को तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।
डीएम ने लोनिवि के अधिकारियों से कहा कि जिले में पीएमजीएसवाई की जो 14 सड़कें उन्हें हस्तांतरित हुई हैं उनकी मरम्मत के लिए धनराशि विभाग को अवमुक्त हो चुकी है। कहा कि लोनिवि के अधिकारी इन सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त करना सुनिश्चित करें। डीएम ने नगरपालिका के ईओ को बाजारों के मध्य में स्थित गैराज को अन्यत्र शिफ्ट करवाने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी लोकेश्वर सिंह, एसडीएम अनुराग आर्य, सीएमओ एचएस हयांकी आदि मौजूद रहे।
14 तक नहीं बनेंगे इनर लाइन पास

धारचूला। प्रशासन ने भारी बारिश की आशंका को देखते हुए इनर लाइन परमिट जारी करने पर रोक लगा दी है। ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को 14 जुलाई तक इनर लाइन पास जारी नहीं किए जाएंगे। धारचूला के एसडीएम दिवेश शाशनी ने बताया कि भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 14 जुलाई तक इनर लाइन पास जारी नहीं किए जाएंगे। मौसम में सुधार होने के बाद पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क में मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को यात्रा से बचना चाहिए। संवाद

बंगापानी में चट्टान से गिर रहे पत्थरों से खतरा

बंगापानी ( पिथौरागढ़ )। मानसून सीजन आते ही मुख्य बाजार में पहाड़ी चट्टान से पत्थर गिरने का क्रम शुरू हो गया है। सोमवार की शाम को एक बड़ा पत्थर आनंद गिफ्ट सेंटर के पास गिरा। हालांकि बड़ा हादसा होने से बच गया। बारिश का मौसम आते ही बंगापानी में रहने वाले व्यापारी, किरायेदारों की नींद उड़ जाती है। बाजार के ठीक ऊपर स्थित पहाड़ी से वनाग्नि के समय भी पत्थर गिरते हैं। आग से पेड़-पौधों से अटके बड़े पत्थर तेज बारिश में बाजार में गिरते रहते हैं। पूर्व में इन पत्थरों की चपेट में आने से दो लोगों की दुकान के अंदर ही मौत हो गई थी। चट्टान से फिर से पत्थर दरकने से लोग भयभीत हैं। संवाद

चौथे दिन भी नहीं खुली चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क
सीमांत जिले की 11 सड़कें बंद होने से आवाजाही बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी

पिथौरागढ़। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क चौथे दिन भी नहीं खुल पाई है। सड़क आठ जुलाई से भारी भूस्खलन के चलते बंद है। मलबा और भूस्खलन के चलते सीमांत जिले की 11 सड़कों पर आवाजाही बाधित है। इसके चलते ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार पीएमजीएसवाई धारचूला की छिरकिला-जम्कू सड़क 14 अगस्त 2022 से बंद चल रही है। बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला रोड 23 जुलाई से बंद है। डीडीहाट-आदिचौरा-हनेरा सड़क पर 23 मई से आवाजाही बंद है। इनके अलावा मदकोट-दारमा, देवविसौना-खेतारकन्याल-गराली, सानदेव-तुरगोली, दिगोटी द्यूरी-सानी, तवाघाट-थाणीधार, भागीचौरा- बगना सड़क कई दिन से बंद चल रही हैं।
मंगलवार को पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क ऐलागाड़ और दोबाट में मलबा, बोल्डर गिरने से बंद हो गई। सड़क को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। जिले के अधिकांश स्थानों पर मंगलवार सुबह से रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। सड़कों के बंद होने से ग्रामीणों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों को सामान पीठ पर ढोकर ले जाना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सामान की भी किल्लत पैदा होने लगी है। हालांकि संबंधित विभागों की ओर से बंद सड़कों को खाेले जाने का काम जारी है।
इनसेट
24 घंटे में कहां कितनी बारिश

पिथौरागढ़ 1.50 मिमी
गंगोलीहाट 0.50 मिमी

बेड़ीनाग 01 मिमी
डीडीहाट 19.60 मिमी

मुनस्यारी 12 मिमी
धारचूला 26.40 मिमी

इनसेट
एसडीएम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
मुनस्यारी। एसडीएम नवाजिश खलीक ने आपदा प्रभावित संवेदनशील क्षेत्र दरांती, दुम्मर, धापा, सेविला आदि क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को आपदा की स्थिति में बचाव, फर्स्टएड आदि की जानकारी दी। संवाद
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