चीन सीमा से सटे व्यास घाटी के 10500 फुट की ऊंचाई में बसे ग्राम पंचायत गुंजी में डेढ़ वर्ष पूर्व लगे जिओ के मोबाइल टावर से संचार सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे सीमांत क्षेत्र में खुशी की लहर है। संचार सुविधा का लाभ ग्रामीणों के साथ ही आदि कैलाश, ओम पर्वत आने वाले यात्रियों और चीन सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भी मिलेगा।
पिछले वर्ष अक्तूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्योलिंगकांग, गुंजी दौरे से पहले बीएसएनएल ने गुंजी के मनेला में वैकल्पिक संचार सेवा शुरू कर दी थी लेकिन गुंजी के ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। ग्रामीण पिछले डेढ़ वर्ष से जिओ के टावर से संचार सुविधा शुरू कराने की मांग कर रहे थे। शुक्रवार को बीएसएफ के पूर्व डीआईजी केएस गुंज्याल, सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल, भरत सिंह, हरिओम गुंज्याल, रघुवीर गुंज्याल की मौजूदगी में जिओ कंपनी के इंजीनियर विकास कुमार और तनुज भाकुनी ने अपनी टीम के साथ संचार सेवा को सुचारु कर दिया।
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संचार सेवा शुरू होते ही ग्रामीणों ने निचली घाटी में रह रहे अपने परिजनों से फोन पर बात कर खुशी जताई। उन्होंने कंपनी का आभार जताते हुए संचार सुविधा को भविष्य में भी ठीक रखने का अनुरोध किया। बता दें कि व्यास घाटी में पिछले एक साल के भीतर कुटी और नाबी गांवों में जिओ कंपनी ने संचार सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी के इंजीनियर आदित्य विक्रम ने बताया कि कुछ ही माह में ग्राम बूंदी में भी संचार सुविधा शुरू हो जाएगी।
ग्रामीणों ने सरकार का जताया आभार
प्रधान गुंजी सुरेश सिंह गुंज्याल, सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल और सामाजिक कार्यकर्ता हरीश सिंह गुंज्याल ने सीमांत के ग्रामीणों को संचार सुविधा का लाभ देने के लिए सरकार का आभार जताया है। संवाद