पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश से झेकला नाला उफान पर आ गया है, जिससे थल-मुनस्यारी सड़क पर हजारों टन मलबा और बोल्डर आ गिरा है। इस कारण सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2009 में इसी नाले ने भीषण आपदा मचाई थी, जिसमें झेकला गांव तहस-नहस हो गया था और 42 लोगों की जान चली गई थी। नाले का पानी मकानों को बहाकर रामगंगा नदी में ले गया था। एक बार फिर इस नाले के उफान पर आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।