डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जम्मू कश्मीर में आंतकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए आईटीबीपी के जवान हरीश सिंह को याद किया गया। आईटीबीपी के सैन्य अधिकारियों ने रविवार को गांव में जाकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया और शहीद के परिजनों का हाल चाल भी जाना।
पिथौरागढ़ जिले के नैनी (मुसगांव) निवासी हरीश सिंह छह जुलाई 1992 को जम्मू कश्मीर में आईबी के डिप्टी डायरेक्टर के आवास पर तैनात थे। इस दौरान अचानक आतंकियों ने हमला कर दिया। जवान हरीश ने आतंकियों से लोहा लेते हुए गोलियों की बौछार कर दी। इस कार्रवाई में आतकियों की गोलियां लगने से वह शहीद हो गए थे। हर वर्ष आईटीबीपी उनके पैतृक गांव जाकर स्मृति में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनकी वीरता का याद करती है। नैनी गांव पहुंचे आईटीबीपी के सहायक सेनानी समर मलिक के नेतृत्व में नैनी गांव के स्कूली बच्चों ने कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर वाहिनी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
12पीटीएच09पी- डीडीहाट में शहीद आईटीबीपी जवान हरीश सिंह शहादत को याद करते आईटीबीपी अधिकारी और परिजन। संवाद