पिथौरागढ़। नंदा देवी ट्रेक पर ट्रेकिंग के लिए निकले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, उनके पीएसओ, प्रदेश के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को आखिरकार 19 घंटे बाद रेस्क्यू किया गया। रालम में फंसे मुख्य चुनाव आयुक्त एक घर में रात बिताने के बाद दूसरे हेलीकॉप्टर से सुबह सात बजे मुनस्यारी हेलीपैड पहुंचे। हेलीकॉप्टर यहां से उन्हें और साथियों को लेकर दून रवाना हुआ। सभी अधिकारियों की सुरक्षित वापसी होने पर पुलिस-प्रशासन और आईटीबीपी ने राहत की सांस ली।
बीते बुधवार को नंदा देवी ट्रेकिंग पर निकले मुख्य चुनाव आयुक्त और प्रदेश के उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी का हेलीकॉप्टर मौसम में खराबी के चलते रालम से आगे नहीं बढ़ सका और न वापस लौट सका। सुरक्षा को देखते हुए पॉयलट को रालम में एक खेत में हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई और मुख्य चुनाव आयुक्त को रेस्क्यू करने के प्रयास शुरू हुए। प्रशासन के लिए हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते उन्हें रेस्क्यू करना चुनौती बन गया। ऐसे में दूसरे दिन का इंतजार करना पड़ा। मौसम का साथ मिला और बृहस्पतिवार सुबह देहरादून से दूसरा हेलीकॉप्टर रालम भेजा गया।
सुबह सात बजे हेलीकॉप्टर मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथियों को लेकर मुनस्यारी पहुंचा तो सभी ने राहत की सांस ली। मुनस्यारी हेलीपैड में पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वह और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी हेलीकॉप्टर से देहरादून के लिए रवाना हुए। डीएम विनोद गोस्वामी ने कहा कि पुलिस-प्रशासन और आईटीबीपी की टीम के साथ ही स्थानीय लोगों के सहयोग से मुख्य चुनाव आयुक्त को रेस्क्यू किया गया। संवाद
मैगी खाकर बिताई रात, रेस्क्यू टीम को रालम पहुंचने में लगे 17 घंटे
-रालम ग्लेशियर में ट्रेकिंग पर जा रहे ट्रेकरों ने की मदद, ग्रामीणों का मिला सहयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। मुख्य चुनाव आयुक्त को रेस्क्यू करने गई टीम को रालम गांव पहुंचने में 17 घंटे का समय लगा। प्रशासन के अनुरोध पर पातों गांव के ईश्वर सिंह नबियाल अपने चार साथियों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त की मदद के लिए रालम पहुंचे। रालम ग्लेशियर में ट्रेकिंग के लिए पहुंचे ट्रेकरों ने भी सूनसान रालम गांव में मुख्य चुनाव आयुक्त की मदद की। उनके पास मौजूद मैगी खाकर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और उसके साथियों ने एक घर का ताला तोड़कर उसमें रात बिताई।
बीते बुधवार करीब एक बजे हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग होने से मुख्य चुनाव आयुक्त के रालम गांव में फंसे होने की सूचना मिली। सभी को मालूम था कि हिमालयी क्षेत्र में मौसम की खराबी के चलते उन्हें तुरंत रेस्क्यू करना मुमकिन नहीं होगा। ऐसे में पुलिस-प्रशासन और आईटीबीपी की टीम को उनके भोजन, कपड़ों की व्यवस्था के साथ रालम के लिए रवाना किया गया। वहीं प्रशासन ने हिमालयी क्षेत्र की गहराई से समझ रखने वाले पातों गांव के ईश्वर सिंह नबियाल से रालम पहुंचने का अनुरोध किया।
वह अपने चार साथियों के साथ रात नौ बजे मुख्य चुनाव आयुक्त की मदद के लिए रालम पहुंचे लेकिन आईटीबीपी और प्रशासन की टीम को यहां पहुंचने में 17 घंटे लग गए। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे के करीब आईटीबीपी के जवान रालम पहुंचे। संयोग से रालम ग्लेशियर ट्रेकिंग पर पहुंचे ट्रेकर वहां मौजूद थे। ट्रेकरों की नजर वीरान गांव में मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके हेलीकॉप्टर पर पड़ी तो वे उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद एक घर का ताला खोलकर मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके साथियों को उसमें ठहराया गया। ट्रेकरों के पास उपलब्ध मैगी से सभी ने भूख मिटाई। संवाद
तीन फुट बर्फ में ब्रिजगंगा टॉप पार कर पहुंची आईटीबीपी
पिथौरागढ़। आईटीबीपी के जवानों को मुख्य चुनाव आयुक्त की मदद के लिए मिलम से 21 किमी दूर रालम पहुंचना था। आईटीबीपी के जवान तीन फुट बर्फ के बीच ब्रिजगंगा टॉप को पार कर किसी तरह रालम गांव पहुंचे। ऐसे में जवानों को भी रालम पहुंचने के लिए कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा।
फंसे हेलीकॉप्टर से लौटी रेस्क्यू टीम
पिथौरागढ़। मुख्य चुनाव आयुक्त को रेस्क्यू करने के लिए देहरादून से दूसरा हेलीकॉप्टर भेजा गया। रालम में फंसे हेलीकॉप्टर से पॉयलट और लोको पॉयलट रेस्क्यू टीम को लेकर सुरक्षित वापस लौटे।