दार्चूला नेपाल में हुई भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक में मौजूद दोनों देशों के अधिकारी। संवाद
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धारचूला (पिथौरागढ़)। नेपाल के दार्चुला जिला मुख्यालय में भारत और नेपाल दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से तटबंध निर्माण में काली नदी किनारे जमा मलबे को हटाने को लेकर चर्चा की गई। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी सामंजस्य से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। इस मसले को लेकर 10 से 15 दिनों के भीतर दूसरे चरण की वार्ता भी होगी।
शुक्रवार को धारचूला के संयुक्त मजिस्ट्रेट दिवेश शाशनी ने सिंचाई विभाग के अभियंता के साथ नेपाल के दार्चुला पहुंचकर वहां के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से नौ सितंबर को आई भीषण आपदा के दौरान नदी किनारों में जमा मलबे को हटाने पर चर्चा की गई। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि धारचूला के घटखोला में इस समय तटबंध का निर्माण कार्य किया जा रहा है। भारत की ओर जमा मलबा हटा दिया गया है।
नेपाल की तरफ भारी मात्रा में मलबा जमा होने से सुरक्षा दीवार का निर्माण प्रभावित हो रहा है क्योंकि नदी भारतीय क्षेत्र के अंदर बह रही है। ऐसे में जगह की कमी के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि मलबा हटाने से काली नदी के प्रवाह से नेपाल की ओर कोई समस्या नहीं होगी। इस पर दार्चुला जिले के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव रखे और आपसी सामंजस्य से कार्य करने की बात कही।
बैठक में नेपाल के सीडीओ दीर्घराज उपाध्याय सहित भारत- नेपाल के कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक से लौटे संयुक्त मजिस्ट्रेट दिवेश शाशनी ने बताया कि नेपाल की ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा चुका है। धारचूला की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है। जमा मलबे के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं। दार्चूला नेपाल में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दीवार निर्माण के संबंध में बातचीत की गई है। शीघ्र ही अगली बैठक होगी, उनकी ओर से भी अपनी बात रखी गई है। शीघ्र ही दूसरे चरण की बैठक होगी जिसमें समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।