पिथौरागढ़/जौलजीबी। भारत और नेपाल सीमा क्षेत्र के अनधिकृत रास्तों पर संयुक्त प्रयास से आवागमन पर रोक लगाएंगे। इसके लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां ऐसे रास्तों का पता लगाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगी।दोनों देशों के अधिकारियों ने भविष्य में भी आपसी समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई।
एसएसबी 55वीं वाहिनी सीमा चौकी में एसएसबी के उप महानिरीक्षक एस सुब्रमन्यिम की अध्यक्षता में भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच मासिक समन्वय बैठक हुई। इस दौरान भारत और नेपाल सीमा पर पिछले साल हुए पथराव पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि इस तरह की घटना होती हैं तो लोगों को समझाकर शांत किया जाए। सीमा क्षेत्रों में निर्माण कार्य के दौरान विस्फोट का समय निर्धारित करने की बात की।
उप महानिरीक्षक सुब्रमन्यिम ने कहा कि सीमा क्षेत्र की नदियों में रॉफ्टिंग आपसी सहयोग से जरूरी है। तब जाकर साहसिक खेल को बढ़ावा मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि भारत की तरफ से रॉफ्टिंग होती है तो एसएसबी और सीडीओ नेपाल को भी इसकी सूचना दी जाए। इसके अलावा सीमा पर तस्करी और अन्य अवैध कारोबार की रोकथाम के संबंध चर्चा की गई।
बढ़ते कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सीमा पुलों पर आवाजाही करने वालों की अधिक से अधिक जांच कराने की भी बात कही गई। बैठक में भारत से एसएसबी 55वीं वाहिनी के कमांडेंट अजय पांडेय, उप कमांडेंट संजीव कुमार, सहायक कमांडेंट क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी अल्मोड़ा एएन सालुंखे, सहायक कमांडेंट अल्का, निरीक्षक गणेश सिंह, एसएसबी 11वीं वाहिनी के निरीक्षक राकेश कुमार, जौलजीबी पुलिस निरीक्षक संजीव कुमार, वन दरोगा कैलाश सिंह, करण सिंह धामी, स्पेशल ब्रांच मुख्य आरक्षी हेमंत पंत, नेपाल के सशस्त्र प्रहरी उपनिरीक्षक (एसपी) 44 गण एपीएफ दार्चुला डंबरर बिस्टा, सशस्त्र प्रहरी नायब उपनिरीक्षक (डीएसपी) जौलजीबी बीर सिंह धामी, सशस्त्र प्रहरी बल एपीएफ के निरीक्षक लाली धन बहादुर नाथ, सशस्त्र प्रहरी चौकी लाली के उपनिरीक्षक दीपक राज बादु मौजूद थे।