पिथौरागढ़। श्री रामलीला प्रबंधकारिणी समिति की ओर से आयोजित रामलीला के आठवें दिन हनुमान ने लंका में प्रवेश किया। यहां उनकी भेंट विभीषण से होती है जो उन्हें अशोक वाटिका के बारे में बताते हैं जहां रावण ने सीता को बंदी बनाकर रखा था।
अशोक वाटिका पहुंचकर हनुमान सीता को राम की अंगूठी दिखाकर अपना परिचय देते हैं और अपनी भूख शांत करने के लिए फल खाने की आज्ञा मांगते हैं। कहते हैं अतिशय भूख लगी मोहे माता, आज्ञा दो फल खाऊं। इसके बाद हनुमान वाटिका का विध्वंस करते हैं। यहां लंका लंका दहन, सेतु बंधन तक लीला मंचन किया गया। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, कांग्रेस नेता महेंद्र लुंठी, एसबीआई प्रबंधक जीवन चंद्र पाटनी, स्वामी गुरुकुलानंद सरस्वती रहे। हारमोनियम में संजय भट्ट, तबले में केदार दत्त खर्कवाल और बांसुरी में रविशंकर संगत दे रहे हैं।
प्यारे राम को देना हमें मंजूर नहीं है...
अस्कोट। राजा दशरथ के महल में ऋषि विश्वामित्र असुरों के उत्पात से निजात दिलाने और यज्ञ की रक्षा करने को राम, लक्ष्मण को मांगते हैं। दशरथ कहते हैं प्यारे राम को हमें देना मंजूर नहीं है। यह सुन विश्वामित्र भड़क जाते हैं। स्थिति को संभालते कुल गुरु वशिष्ठ दशरथ को समझाते हैं कि राम कोई साधारण मनुष्य नहीं वह साक्षात नारायण के अवतार हैं। यहां सीता के गौरी पूजन तक लीला का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि देवल की प्रधान आशा पाल रही। संवाद
प्रभु जी हमें वर ले लो...
मुवानी। पंचवटी में सूर्पणखा राम पर मोहित होकर उन्हें रिझाने का प्रयास करती है। इस दौरान वह प्रभु जी हमें वर ले हों, मेरा रूप देख कर चंद्रमा शरमा गया और छिप गया गीत पर नृत्य करती है। यहां सीताहरण तक लीला मंचन हुआ। इससे पूर्व गंगोलीहाट से आए बासु उप्रेती की टीम के कलाकारों ने मां हाट कालिका के रूप का शानदार मंचन कर खूब वाहवाही बटोरी। मुख्य अतिथि नंदन बाफिला, सोनू सत्याल रहे। संवाद
थल में गणेश पूजा के साथ रामलीला मंचन शुरू
थल (पिथौरागढ़)। क्षेत्र की रामलीला 95 वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। मंचन से पूर्व सोमवार सुबह कलश स्थापना, गणेश पूजा और मंच, राम दरबार पर्दे का पूजन किया गया। पूजा कमेटी के उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल पंत ने संपन्न की। कमेटी के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष प्रवीण जंगपांगी, सचिव अर्जुन सिंह रावत, गुड्डू पाठक, महेश पाठक, गौरवदीप वर्मा, गोलू जोशी, प्रमोद कठायत सहित कई लोग पूजा में शामिल हुए।
रामलीला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष स्व. लक्ष्मण सिंह पांगती की स्मृति में उनके बड़े पुत्र पूर्व अपर महानिदेशक भूगर्भ विभाग देहरादून त्रिभुवन सिंह पांगती ने उत्कृष्ट अभिनय करने वाले पात्रों के लिए नकद रस्कार रखे हैं। कमेटी की ओर से 50 रुपये टिकट में इनामी कूपन में प्रथम पुरस्कार स्कूटी सहित दस इनाम रखे गए हैं। राज्याभिषेक के दिन भाग्यशाली विजेताओं की लक्की ड्रा निकली जाएगी। संवाद