डीडीहाट (पिथौरागढ़)। गृह मंत्रालय के घर वापसी के एलान के बाद से डीडीहाट में रहने वाले व डीडीहाट से अपने घरों को जाने वाले सैकड़ो लोगों को गाड़ी का इंतजार है। डीडीहाट विकासखंड के 200 से अधिक युवा देश के सात प्रांतों में नौकरी कर रहे थे। लॉक डाउन के बाद से इन युवकों के सामने अपने घर आना चुनौती बना हुआ है। ऐसी ही स्थिति बिहार, यूपी के डीडीहाट में रह रहे मजदूरों के सामने भी आ गई है। दिल्ली में रह रहे पीयूष बोरा बताते है कि लॉक डाउन के बाद से जिस होटल में वह शेफ थे वह बंद है। वह अपनी माता व भाई के साथ दिल्ली में फंसे हुए हैं। पूना में फंसे दीपक सिंह खोलिया भी घर आने के लिए ट्रेन चलने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे ही 200 से अधिक युवक पंजाब, दिल्ली, अंबाला, पूना, यूपी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश में फंसे हुए है, जो डीडीहाट के विभिन्न गांवों में वापसी के लिए यातायात खुलने का इंतजार कर रहे है। वही डीडीहाट में फंसे बिहार निवासी मजदूर अफरोज आलम, इंतयाज आलम, बबलू जैसे 100 मजदूर भी डीहीहाट में गाड़ी का इंतजार कर रहे है। ये मजदूर रोज पुलिस व प्रशासन के पास जाकर उनसे घर वापसी की गुहार लगा रहे है।