नाचनी (पिथौरागढ़)। बांसबगड़ के खेतभराड़ गांव में करीब साढ़े चार साल पूर्व दो भाइयों के आवासीय मकान बाढ़ की चपेट में आने से खतरे की जद में हैं। यह मकान आज भी हवा में लटके हैं।
प्रभावित भाइयों जगदीश सिंह और राजेंद्र सिंह ने मकान की सुरक्षा के लिए प्रशासन और सरकार के प्रतिनिधियों से दर्जनों बार लिखित गुहार लगाई लेकिन कोई हल नहीं निकला। प्रभावितों ने उपजिलाधिकारी मुनस्यारी यशवीर सिंह तोमर की ओर से लगाए गए शिविर में पुनः प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मकान का मुआयना कराने का अनुरोध किया। उपजिलाधिकारी ने मौके पर सिंचाई विभाग से स्थित की जानकारी ली। अवर अभियंता विनय रावत ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए सितंबर 2020 में ही सीसी ब्लाक और दीवार लगाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। यह प्रस्ताव अब स्वीकृत हुआ है। सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 3.59 करोड़ रुपये का टेंडर लग चुका है। शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।
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26 जुलाई 2020 में फटा था बादल
नाचनी। 26 जुलाई 2020 में बादल फटने से बांसबगड़ और खेतभराड़ गांव के बीच बहने वाले बरा गधेरे में बाढ़ आ गयी थी। बाढ़ से दर्जनों मकान, शौचालयों को नुकसान पहुंचा। मोटर पुल खतरे की जद में आ गया था। गुटी और पोर्थी गांव को जोड़ने वाला 80 मीटर पैदल मार्ग भी बह गया। सिंचाई विभाग ने गधेरे से मलबा हटाकर चेनेलाइज के साथ कुछ वायर क्रेट लगाकर आंशिक सुरक्षात्मक कार्य किए थे। संवाद