पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमपात से अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड पड़ रही है। इस कारण सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ ही ग्रामीणों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमपात के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बर्फबारी से जवानों काे अग्रिम पोस्टों में जाने में दिक्कतों हो रही है। इस बार अप्रैल में मिलम का अधिकतम तापमान तीन डिग्री और न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जा रहा है। सुबह-शाम के समय तापमान माइनस एक डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है।
पिछले सालों तक मिलम में अप्रैल में अधिकतम सात और न्यूनतम तापमान चार डिग्री दर्ज तक रहता था। इसके अलावा लीलम, बुगडियार, रिलकोट और दुंग में भी तापमान माइनस तीन डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है।
ठंड से भेड़पालक भी परेशान
पिथौरागढ़। मैदानी क्षेत्रों में गर्मी बढ़ने पर भेड़पालक उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर जा रहे हैं लेकिन चोटियों पर हिमपात के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बे-मौसमी हिमपात होने से भेड़ और अन्य जानवरों के बीमार होने का खतरा बना है। संवाद