पिथौरागढ़। मानसून काल में दुर्गम क्षेत्र धारचूला, मुनस्यारी और अन्य क्षेत्र के लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए सरकार ने हेलिकॉप्टर भेज दिया है। डीएम रीना जोशी ने बताया कि आपदा की दृष्टि से पिथौरागढ़ जिला अति संवेदनशील श्रेणी में है। आपदा काल में राहत कार्य करने के लिए शासन से हेलिकॉप्टर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हेली के माध्यम से आपदा में घायल और बीमार लोगों को समय से अस्पताल तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए भी हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। संवाद
बारिश से खतरे में आए परिवार को शिफ्ट किया
धारचूला (पिथौरागढ़) । धारचूला में हो रही मूलाधार बारिश से काली नदी का जल स्तर बढ़ने पर खोतिला के भूपेंद्र सिंह का मकान खतरे की जद में आ गया है। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी दिवेश शाशनी के निर्देश पर तहसीलदार एके सिंह, राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार और कानून गो की टीम धारचूला से दो किलोमीटर दूर खोतिला पहुंचे। प्रशासन ने खतरे की जद में आए भूपेंद्र सिंह के परिवार के छह सदस्यों और जरूरी सामग्री को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया है। एक घंटे से लगातार हो रही बारिश से खतरे की जद में आए पांच परिवारों के लोग अपने घरों की चिंता में डूबे हैं। संवाद
छिरकिला डैम से छोड़ा गया 250 क्यूसेक पानी
धारचूला (पिथौरागढ़)। एनएचपीसी धौलीगंगा पावर स्टेशन के छिरकिला डैम से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। एनएचपीसी के महाप्रबंधक राजीव जैन ने बताया कि 11 जुलाई को छिरकिला डैम से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। धौली गंगा जल विद्युत परियोजना से 280 मेगावाॅट का शत प्रतिशत विद्युत उत्पादन निरंतर जारी है। संवाद