पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ मरीजों की जांच करते। संवाद
पिथौरागढ़। जिले में आई फ्लू कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिला अस्पताल में लगातार तीन हफ्ते से हर रोज आईफ्लू से संक्रमित करीब 50 मरीज आ रहे हैं। आई फ्लू के चलते मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी बंद हैं। 28 अगस्त से नेत्र चिकित्सक मोतियाबिंद के ऑपरेशन करेंगे। बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। नेत्र, चर्म, फिजिशियन और सर्जन कक्ष के बाहर इलाज के लिए मरीजों की कतार लगी रही। सुबह से ही अस्पताल में पंजीकरण के लिए मरीज पहुंचने लगे थे। नेत्र चिकित्सक डॉ. केएस बृजवाल और डॉ. बीएस टोलिया ने 100 से अधिक मरीज देखे।
उन्होंने बताया कि 28 अगस्त से मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाएंगे। आई फ्लू से हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित है। ऐसे में मरीजों के ऑपरेशन नहीं किए जा सकते हैं। वहीं, मुख्य फिजिशियन डॉ. डीएस धर्मशक्तू और वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमसी रजवार ने 150 से अधिक मरीज देखे। सोमवार को अस्पताल में 945 मरीजों की ओपीडी हुई।
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लोगों को वाहन पार्क करने के लिए नहीं मिला स्थान
पिथौरागढ़। सोमवार को जिला अस्पताल के बाहर मरीजों और तीमारदारों सहित अन्य लोगों को वाहन पार्क करने के लिए स्थान नहीं मिला। जिला अस्पताल परिसर में लगभग 50 दोपहिया वाहन और छह कार पार्क होने की क्षमता है। इसमें स्टाफ के वाहन पार्क होते हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को सड़क किनारे वाहन पार्क करने होते हैं। सोमवार को भीड़ अधिक होने के कारण सडक के दोनाें ओर वाहनों को पार्क करना पड़ा। घंटाकरण से जीजीआईसी तक सड़क किनारे वाहनों की कतारें लगी रहीं। संवाद