पिथौरागढ़। एशियन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गुरु पूर्णिमा पर कार्यक्रम हुए। इस विद्यालय के संस्थापक 1008 हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद का सक्ताभिषेक किया गया। इस दौरान भजन संध्या सहित कई अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक स्वामी वीरेंद्रानंद का सक्ताभिषेक किया गया। वैदिक ब्राह्मण अनिल कुमार चौबे, विनय जोशी, पारस भट्ट, सतीश भट्ट, सौरभ मिश्रा, नीरज पंत, अंकित जोशी, भावेश जोशी, हिमांशु जोशी, कृष्ण जोशी आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रीगुरु दत्तात्रेय पूजन किया। इसके बाद हवन कर लोगों को प्रसाद बांटा गया। सुप्रसिद्ध भजन गायक प्रभाकर जोशी, श्रीतेजेश्वर, विहान संस्था अल्मोड़ा के अन्य कलाकारों ने भावना प्रधान भजन गाए। कार्यक्रम में विद्यालय की तीनों शाखाओं से अनेक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। भंडारा भी हुआ। विद्यालय के प्रबंधक श्री श्री 1008 हिमालयन पीठाधीश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरी महाराज (महामंडलेश्वर पंचदश नाम जूनाअखाड़ा) ने अपने गुरू पूर्णिमा की महत्व बताते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा मनाने की प्राचीन संस्कृति गुरु दत्तात्रेय के समय से चली आ रही है। आज के दिन महर्षि वेद व्यास जी का जन्म भी मनाया जाता है। गुरु से हमें सच्चे ज्ञान की समझ प्राप्त होती है ताकि हम अपने जीवन को सफल और सहज बना सकें।
महर्षि विद्या मंदिर में मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व
पिथौरागढ़। महर्षि विद्या मंदिर गुरु पूर्णिमा और महर्षि विश्व शांति आंदोलन का 14वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वामी गुरुकुलानंद कच्चाहारी और प्रधानाचार्य श्यामश्री विश्वास ने किया। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को तिलक लगाया गया। इसके बाद छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने महर्षि विद्या मंदिर समूह के अध्यक्ष ब्रह्मचारी का संदेश पढ़कर सुनाया। उन्होंने विद्यालय की विशेषताओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने कहा कि गुरु में त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश समाहित हैं। गुरु अज्ञान रूप अंधकार को ध्वस्त कर ज्ञान रूपी प्रकाशित कर विश्व संस्कृति, सदाचार, अनुशासन के सूत्र में बाधते हैं। कार्यक्रम में तारा सिंह भी रहे।
गुरु पूर्णिमा पर किया हवन यज्ञ
पिथौरागढ़। नेड़ा के भारत सदन में बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर यज्ञ किया गया। इसके माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के कम होने की प्रार्थना की गई। डॉ. तारा सिंह ने कहा कि पेड़ कटते रहे तो आपदाएं भी आती रहेंगी। इस दौरान मंगल सिंह, नीरज, वंदना, मेघा, जानकी, भारत सिंह आदि रहे। इधर बालकोट विद्यालय के प्रधानाचार्य भुवन पाठक को सम्मानित किया गया। पुरातन छात्रों ने बुधवार को विद्यालय पहुंचकर गुरु का सम्मान किया। इस दौरान देवराज महर, कवींद्र, नवीन भट्ट, मुकुल वर्मा, पंकज खत्री, महेश पाठक गोलू आदि रहे।