डीडीहाट (पिथौरागढ़)। डीडीहाट में 1970 में खुला गांधी आश्रम बंद हो गया है। दशकों पुराने गांधी आश्रम के बंद हो जाने से लोग मायूस हैं। लोगों का कहना है कि गांधी आश्रम को फिर से खोला जाना चाहिए।
देश की आजादी में खादी का बड़ा योगदान रहा है। विदेशी कपड़ों की होली जलाकर भारतीयों ने खादी के वस्त्रों का प्रयोग कर अंग्रेजी हुकूमत को बड़ी चोट पहुंचाई थी। देश की आजादी के बाद भी खादी प्रेम बना रहा और देश में हर जगह खादी को बढ़ावा देने के लिए गांधी आश्रम खोले गए। डीडीहाट में वर्ष 1970 में गांधी आश्रम खोला गया था।
गांधी आश्रम की इस दुकान में दो अक्तूबर से पूर्व खादी वस्त्रों पर भारी छूट दी जाती थी। लोग इस छूट का फायदा उठाकर खादी से बने कपड़े, रजाई आदि खरीदते थे लेकिन अब गांधी आश्रम की दुकान बंद हो गई है। लोगों को खादी के कपड़े खरीदने के लिए पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है। पूर्व में गांधी आश्रम महिलाओं को खादी तैयार कराने का रोजगार भी प्रदान कराता था।
सरकार को गांधी आश्रम को फिर से खोलना चाहिए। इसके बंद होने से लोगों को खादी वस्त्र नहीं मिल पा रहे हैं। खादी फिर से लोग पहनने लगेंगे तो स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। - महेश चंद्र, बुजुर्ग गांधीवादी नेता।
केंद्र और राज्य सरकार पर महात्मा गांधी की नीतियों और सपनों को खत्म करने का काम कर रही हैं। गांधीजी ने खादी की शुरुआत की थी। गांधी आश्रम को फिर से खोलने की पहल करनी चाहिए। - राजेंद्र, कांग्रेसी नेता।
डीडीहाट स्थित गांधी आश्रम बंद होने के संबंध में गांधी आश्रम चनौदा से पत्राचार किया जाएगा। बंद आश्रम को खोलने के प्रयास किए जाएंगे। - अबरार अहमद, एसडीएम डीडीहाट।