अस्पताल भवन के जर्जर हाल होने से बरसात में पानी कमरों में घुस जाता है
संवाद न्यूज एजेंसी
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय पशु चिकित्सालय गणाई गंगोली का भवन और आवासीय भवन पूरी तरह से उजाड़ पड़े हैं। भवनों के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं।
गणाई गंगोली में राजकीय पशु अस्पताल के भवन का निर्माण वर्ष 1968 में किया गया था। पशु अस्पताल के साथ ही यहां पर चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ के लिए आवास भी बनाए गए थे। रखरखाव नहीं होने से वर्तमान में अस्पताल और आवासीय भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अस्पताल में कार्यरत फार्मासिस्ट शंकर आर्य ने बताया कि अस्पताल भवन के जर्जर हाल होने से बरसात में पानी कमरों में घुस आता है। इससे दवाएं सहित अन्य दस्तावेज खराब हो रहे हैं। क्षेत्र में 15 हजार से अधिक पशुपालक हैं।
अस्पताल के इस तरह से बदहाल होने के कारण पशुपालकों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस समय लंपी बीमारी चल रही है यदि अस्पताल भवन ठीक हालत में होता तो यहां पर बीमार पशुओं का इलाज और टीकाकरण किया जा सकता था। जिला पंचायत सदस्य चंदन वाणी ने कहा है पशु चिकित्सालय गणाई गंगोली में नए भवन बनाने के लिए जिला पंचायत की बैठक में मामला उठाया जाएगा।
लंपी वायरस और मवेशीखोर तेंदुए से पशुपालक परेशान
चंपावत। जिले के विभिन्न गांवों में गायों में लंपी वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण इलाकों में लंपी वायरस से लगातार पशुओं की मृत्यु के मामले सामने आ रहे हैं। विभिन्न गांवों में वायरस से प्रभावित कई पशु बीमार चल रहे हैं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के बाद भी हालात जस से तस बने हुए हैं। दूसरी ओर कई गांवों में मवेशीखोर तेंदुओं का आतंक बना हुआ है। इस कारण पशुपालकों को दोहरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बडोली ग्राम पंचायत के रीठा निवासी जयदत्त थ्वाल ने बताया कि लंपी वायरस के साथ ही मवेशीखोर तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में सतीश चंद्र, इंद्र देव, मोहन चंद्र, नारायण दत्त, होशियार सिंह, चेतराम, कृष्ण सिंह, बलदेव सहित 13 पशुपालकों की दुधारू गाय और बछिया लंपी वायरस की चपेट में आने से बीमार हैंं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीएस भंडारी ने बताया कि चिकित्सकों की टीमें लगातार क्षेत्र में जाकर टीकाकरण कर रही हैं। संवाद