गणाईगंगोली (पिथौरागढ़)। राजकीय महाविद्यालय आठ साल से अधिक समय से विधायक निधि से बने टिनशेड में चल रहा है जिस कारण एमए और बीएससी को स्वीकृति मिलने के बावजूद इनकी कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
गणाई गंगोली में वर्ष 2012-13 में कॉलेज की स्थापना हुई। शुरुआत में कॉलेज का संचालन जीआईसी के दो कक्षों में किया गया। इसके बाद विधायक निधि से दो टिनशेड भवनों का निर्माण किया गया। वर्तमान में महाविद्यालय के 300 छात्रों की पढ़ाई चार कक्षों में हो रही है।
महाविद्यालय में एमए और बीएससी को स्वीकृति तो मिली लेकिन भवन नहीं होने के कारण इन कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। अब महाविद्यालय के छात्रों को इस सत्र में भवन निर्माण का इंतजार है जिसके बाद वह बीएससी और एमए की पढ़ाई कर सकेंगे। वर्ष 2018-2019 में महाविद्यालय भवन निर्माण की स्वीकृति मिली और निर्माण तहसील के पास शुरू हो गया लेकिन 2020 में कोविड के कारण निर्माण कार्य बंद हो गया।
वर्ष 2019 में महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया था। महाविद्यालय भवन का लेंटर तो डाल दिया गया है। अब निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था को इस सत्र में पूरी व्यवस्थाओं के साथ कर भवन हस्तांतरित करना चाहिए। -चंदन बाणी, जिपं सदस्य, गणाईगंगोली।
महाविद्यालय का अपना भवन नहीं होने से बीएससी की कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। भवन बनता तो विज्ञान विषय में रुचि लेने वाले छात्रों को पढ़ाई के लिए अल्मोड़ा नहीं जाना पड़ेगा। -अवधेश सिंह पथनी, व्यापार संघ अध्यक्ष, गणाईगंगोली।
राजकीय महाविद्यालय के भवन का निर्माण अगर इस सत्र में पूरा नहीं होता है तो छात्रों को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई लंबे समय से चार कक्षों में सिमट कर रह गई है। -बलवीर सिंह सुयाल, छात्रसंघ अध्यक्ष, महाविद्यालय।
भवन को जल्द पूर्ण कर महाविद्यालय प्रशासन को हस्तांतरित करने के निर्देश विभाग को दिए गए हैं। भवन बनते ही एमए की कक्षाओं और बीएससी कक्षाओं का संचालन भी होगा। -जितेंद्र प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि, गणाईगंगोली।