धारचूला। कालापानी और लिपुलेख पर राजनीति कर रहे नेपाल की कोशिशों से सीमांत क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। धारचूला के गर्ब्यांग निवासी 80 वर्षीय राजेंद्र सिंह ने बताया कि कालापानी से नाभिढांग तक हमारे गर्ब्यालों के लगभग 50 परिवारों की नाप भूमि है। उन्होंने बताया कि1942 में स्वयं और उनके भाइयों ने इस जगह पर खेती की है। नेपाल को इसमें किसी तरह का दावा नहीं करना चाहिए। दोनों देशों के सीमांत के लोगों के आपस में नाते-रिश्ते हैं। हमेशा मित्रता रही है। दोनों देश की सरकारों को आपसी बातचीत से इस विवाद को शीघ्र हल करना चाहिए।