पिथौरागढ़/थल। सीमांत जिले पिथौरागढ़ में हर ओर जंगल आग से धधक रहे हैं। इससे वन संपदा को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग आग बुझाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहा है।
चंडाक और सुकौली के ऊपरी क्षेत्र के जंगलों में आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। थल के हजेती वन रेंज में कालीगाड़, चौकी, पड़ियात, कालीनाग, आमथल, हीपा के जंगलों में आग लगी है। इससे वन पंचायत लेजम के कमद के जंगल में भी आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। मल्ली गोल के जंगल में भी आग लगी हुई है। इधर, हजेती रेंज में चौकी के डाक बंगले के पास वाले जंगल भी आग से धधक रहे हैं। इसके अलावा डीडीहाट, अस्कोट, कनालीछीना सहित कई अन्य हिस्से भी जंगल की आग से प्रभावित हैं।
जंगलों की आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों से अपील है कि जंगल में आग लगने पर वह तुरंत वन विभाग को सूचना दें। -जीवन मोहन दगाड़े, डीएफओ पिथौरागढ़।
पाटी क्षेत्र में आग लगने से एक हेक्टेयर जंगल प्रभावित
पाटी (चंपावत)। बारिश के बाद धूप आने से पाटी में न केवल तपिश बढ़ी बल्कि यहां के जंगल भी धधक उठे हैं। बुधवार रात बस्वाड़ी, मूलाकोट, पटनगांव आदि क्षेत्र के जंगल आग की चपेट में आ गए। इससे आसापास धुंध छा गई। अलबत्ता, भारी मशक्कत के बाद दो घंटे में आग पर काबू पाया गया। इसमें करीब एक हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ है। धुएं से अस्थमा से पीड़ित लोगों को परेशानी भी हुई। डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि देवीधुरा सहित सभी संवेदनशील वन क्षेत्रों में जंगल की हिफाजत के लिए गश्त तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।