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वन विभाग, आईटीबीपी और एसएसबी चलाएगी धरा को हरा भरा करने की मुहिम 

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संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़। सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सीमांत जनपद में आईटीबीपी और एसएसबी के जवान वन विभाग के साथ मिलकर धरा को भरा करने के लिए संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। आईटीबीपी, एसएसबी और वन विभाग मिलकर जिले भर में इस वर्ष 10 लाख पौधों का रोपण कर उनकी रक्षा करेंगे। आईटीबीपी, एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को आगे आए हैं। इस वर्ष वन विभाग के साथ मिलकर 1635 वन पंचायतों में वृह्द स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाएंगे। इस दौरान वो पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को भी जागरूक करेंगे। इसके अलावा वन विभाग जल संरक्षण और भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए चाल खालों का निर्माण भी करेगा। वन विभाग सीमांत में जड़ी बूटी संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विलुप्त हो रही जड़ी बूटियों का संरक्षण करने के लिए भी जागरूकता चलाएगी। इसके अलावा लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। डीएफओ डॉ. विनय भार्गव ने बताया कि इस वर्ष वृह्द स्तर पर पौधरोपण की योजना बनाई गई है। इसके लिए आईटीबीपी मिर्थी और एसएसबी एंचोली का सहयोग लिया जाएगा। ---:::   रई यक्षावती नदी को संरक्षित करने की मुहिम नहीं चढ़ सकी परवान :: पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने कुछ साल पूर्व रई स्थित यक्षावती नदी को संरक्षित करने की मुहिम चलाई थी। इसके लिए नदी क्षेत्र में वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण अभियान भी चलाया था। जिनमें से अधिकतर पौधे सूख चुके हैं। यक्षावती नदी में वर्ष 2016 में सिंचाई विभाग को मिनी डैम, जल संवर्धन, संरक्षण, पेयजल के लिए शासन से 1 करोड़ 46लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। सिंचाई विभाग के ईई अहमद फरहान खान ने बताया कि आर्मी की लैंड होने के कारण यहां पर इन कार्यों के लिए दिक्कत आ रही थी। जिस कारण शासन को वापस लौटा दिया था।  ---:::लगातार हो रहे निर्माण कार्यो से हो रहा है वनस्पति का दोहन ::: पिथौरागढ़। लगातार हो रहे निर्माण कार्य के कारण वनस्पति का दोहन होता जा रहा है। हरेला सोसाइटी के मन्नू मटवाल (डफाली) का कहना है कि जंगलों के विनाश के कारण भूस्खलन सहित अन्य प्राकृतिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इन घटनाओं के बाद भी शासन प्रशासन नहीं चेता है।
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