फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pithoragarh: मलबा और बोल्डरों से रुका रामगंगा का प्रवाह, एक किमी लंबी झील बनी; आधे घंटे तक दहशत में रहे लोग

Mon, 02 Sep 2024 12:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़

सार

नाचनी के तेजम तहसील क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से नाचनी के हरड़िया में पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से निकले मलबे ने रामगंगा नदी का प्रवाह रोक दिया। इसके चलते वहां पर एक किमी लंबी झील बन गई।
विज्ञापन
मलबा गिरने से नाचनी के हरड़िया में रामगंगा नदी में बनी झील। संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाचनी के तेजम तहसील क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से नाचनी के हरड़िया में पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से निकले मलबे ने रामगंगा नदी का प्रवाह रोक दिया। इसके चलते वहां पर एक किमी लंबी झील बन गई। बारिश रुकने के बाद नदी का प्रवाह सुचारु हाेने पर लोगों ने राहत की सांस ली। मलबे से सड़क पटने के कारण थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग में यातायात ठप है।

विज्ञापन


रविवार दोपहर बाद करीब चार बजे नाचनी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान थल-मुनस्यारी सड़क पर स्थित हरड़िया की पहाड़ी दरकने से सड़क से लेकर रामगंगा नदी तक हजारों टन मलबे का ढेर लग गया।

ये पढ़ें- Uttarakhand: हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा हिंसा के आरोपी अब्दुल मलिक को कहा- अब जमानत के लिए अपील खंडपीठ में करें
विज्ञापन


मलबे के कारण रामगंगा नदी का प्रवाह करीब आधे घंटे तक रुक गया। भैंसकोट गांव की ओर एक किमी लंबी झील बनते देख लोगों में खलबली मच गई। बारिश थमने के बाद जब नदी का प्रवाह शुरू हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली।

लोक निर्माण विभाग की एक जेसीबी सड़क खोलने के लिए मौके पर तैनात है। बार-बार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में मुश्किलें आ रही हैं। थल- मुनस्यारी सड़क पर दोनों ओर वाहन फंसे हुए हैं।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विनय रावत का कहना है कि मलबा और बोल्डर के कारण कुछ समय के लिए पानी का प्रवाह रुकने से नदी ने झील का आकार ले लिया था। अब नदी का बहाव सामान्य है। झील से किसी तरह का खतरा नहीं है। नजर रखी जा रही है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें