मलबा गिरने से नाचनी के हरड़िया में रामगंगा नदी में बनी झील। संवाद
नाचनी के तेजम तहसील क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से नाचनी के हरड़िया में पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से निकले मलबे ने रामगंगा नदी का प्रवाह रोक दिया। इसके चलते वहां पर एक किमी लंबी झील बन गई। बारिश रुकने के बाद नदी का प्रवाह सुचारु हाेने पर लोगों ने राहत की सांस ली। मलबे से सड़क पटने के कारण थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग में यातायात ठप है।
रविवार दोपहर बाद करीब चार बजे नाचनी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान थल-मुनस्यारी सड़क पर स्थित हरड़िया की पहाड़ी दरकने से सड़क से लेकर रामगंगा नदी तक हजारों टन मलबे का ढेर लग गया।
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मलबे के कारण रामगंगा नदी का प्रवाह करीब आधे घंटे तक रुक गया। भैंसकोट गांव की ओर एक किमी लंबी झील बनते देख लोगों में खलबली मच गई। बारिश थमने के बाद जब नदी का प्रवाह शुरू हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली।
लोक निर्माण विभाग की एक जेसीबी सड़क खोलने के लिए मौके पर तैनात है। बार-बार पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में मुश्किलें आ रही हैं। थल- मुनस्यारी सड़क पर दोनों ओर वाहन फंसे हुए हैं।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता विनय रावत का कहना है कि मलबा और बोल्डर के कारण कुछ समय के लिए पानी का प्रवाह रुकने से नदी ने झील का आकार ले लिया था। अब नदी का बहाव सामान्य है। झील से किसी तरह का खतरा नहीं है। नजर रखी जा रही है।