पिथौरागढ़। जिले में अब लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए परिवहन विभाग के ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाना होगा। सफल होने पर ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस बनाया जाएगा। फेल होने पर फिर से वाहन चलाने की परीक्षा पास करनी होगी। ट्रैक निर्माण के लिए विभाग भूमि चयन में जुट गया है।
अब तक परिवहन विभाग के पास ट्रैक की सुविधा नहीं है। विभाग पहले अस्थायी और फिर स्थायी लाइसेंस बनाकर देता है। लाइसेंस बनाने के लिए लोगों को दोनों ही बार ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है और इसके लिए अलग-अलग शुल्क लिया जाता है।
नियम के अनुसार लाइसेंस बनाने के लिए आवेदनकर्ता को वाहन चलाना आना चाहिए। परीक्षा के दौरान विभाग का एक कर्मी ड्राइविंग की बारीकियों को परखेगा। विभाग के ट्रैक पर बिना वाहन चलाए लाइसेंस नहीं बनेगा।
टेस्ट ड्राइविंग मशीन उपलब्ध
पिथौरागढ़। विभाग के पास एक टेस्ट ड्राइविंग मशीन है। इसमें लोगों के ड्राइविंग की परीक्षा ली जाती है लेकिन इसको चलाना सबके लिए आसान नहीं होता है। संवाद
ट्रैक निर्माण के लिए जमीन की तलाश शुरू
पिथौरागढ़। एआरटीओ कंचन सिंह पलड़िया ने बताया कि ट्रैक निर्माण के लिए नगर और ग्रामीण क्षेत्र में भूमि चयन की कार्रवाई चल रही है। इसके लिए जगह-जगह भूमि तलाशी जा रही है। ट्रैक बनने के बाद लोगों को ड्राइविंग की परीक्षा देनी होगी। इसके लिए लोगों को अपना वाहन लेकर आना होगा। परीक्षा में पास होने के बाद लाइसेंस बनाया जाएगा। संवाद