थल बाजार को आती रछतिया, गंतोला की महिलाएं। संवाद
थल (पिथौरागढ़)। रछतिया और गंतोला गांव के ग्रामीण पिछले पांच साल से सड़क की मांग कर रहे हैं। दशकों से अनुसूचित जाति बहुल गांवों में 23 परिवार ऊबड़ खाबड़ रास्तों से सामान ढो रहे हैं। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण बीमारों को डोली से दो किमी नजदीकी सड़क घट्टीगाढ़ तक लाते हैं। इसके बाद चार किमी वाहन से सफर कर थल पहुंचते हैं।
घर का सामान लाना हो तो कंधों का सहारा रहता है। रास्ता भी इतना बदहाल कि भल कर नहीं चले तो गिरने का खतरा। बरसात के दिनों में इन जीर्णशीर्ण रास्तों में चलना गांव वालों के लिए जोखिम भरा होता है। रास्ता भी थकावट भरा है। बिना आराम के बुजुर्गों के लिए जाना संभव नहीं है। रछतिया में 15, गंतोला में आठ परिवार रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के लिए पांच साल पूर्व सर्वे भी हो चुकी है। इसके बाद निर्माण की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। सड़क, शिक्षा, और स्वास्थ्य सड़क के लिए गांव के लोगों को थल ही आना पड़ता है।
इनसेट कोट-
रछतिया और गंतोला गांव तक सड़क को लेकर सर्वे की कोई जानकारी नहीं हैं। अगर ग्रामीण प्रस्ताव देते हैं तो निर्माण को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
तारा सिंह, एई, लोनिवि।