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पेंशन लाने के लिए भी डोली का सहारा

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तड़ीगांव गांव की बुजुर्ग महिला को पेंशन निकालने के लिए डोली से झूलाघाट ले जाते परिजन। संवाद न्यू? - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/झूलाघाट। झूलाघाट-बलतड़ी सड़क पिछले 25 दिनों से बंद है। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के बंद होने से परिजनों ने तड़ीगांव और बलतड़ी की दो बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन लेने के लिए डोली के सहारे बैंक पहुंचाया। लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से सड़क खोलने की मांग कर रहे हैं इसके बाद भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लोगों ने सड़क को शीघ्र नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मलबा आने से झूलाघाट-बलतड़ी सड़क सप्तड़ी और बलतड़ी के बीच 500 मीटर हिस्से में 25 दिनों से बंद है। इस कारण क्षेत्र बुजुर्ग पेंशन लेने के लिए झूलाघाट नहीं आ पा रहे हैं। साथ ही गांवों में आटा, तेल, नमक समेत रोजमर्रा की वस्तुओं की किल्लत होने लगी है। बृहस्पतिवार को तड़ीगांव निवासी वृद्धा झूपा देवी (80) को उनके पुत्र रमेश चंद और अन्य ग्रामीणों ने बलतड़ी से डोली के सहारे एक किमी पैदल चलकर सप्तड़ी और बलतड़ी तक पहुंचाया।
इसके अलावा बलतड़ी गांव की वृद्धा जयंती देवी (75) को उनके पुत्र उमेश चंद्र भट्ट ने डोली के सहारे झूलाघाट बैंक तक पहुंचाया। यहां दोनों ने पेंशन निकाली। इसके बाद फिर बुजुर्ग महिलाओं को डोली के सहारे वापस गांव पहुंचाया गया। लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से बंद सड़क को खोलने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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गांवों में होने लगी जरूरी सामान की किल्लत
पिथौरागढ़/झूलाघाट। बलतड़ी निवासी उमेश चंद्र भट्ट का कहना है कि सड़क बंद होने से गांवों में रोजमर्रा के सामान नमक, आटा, चावल मसाले आदि की किल्लत होने लगी है। वह सड़क को शीघ्र ही खोलने के लिए डीएम से मिलेंगे। संवाद
मलबा आने से सप्तड़ी और बलतड़ी के बीच 500 मीटर सड़क बंद हो गई थी जिसे खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऊपरी हिस्सों से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण दिक्कत हो रही है। प्रयास जारी हैं जल्द ही सड़क को खोल दिया जाएगा। -शुभम राजा, जेई पीएमजीएसवाई।
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