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क्वारन्टीन केन्द्रों में व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई

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नायाब तहसीलदार मनीषा बिष्ट दिल्ली से आये लोगो को समझाते हुए। - फोटो : AMAR UJALA
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धारचूला (पिथौरागढ़)। लॉकडाउन के चलते बाहरी प्रदेशों के रेड जोन से वापस लौटे लोगो ने मिनी स्टेडियम में बनाए गए क्वारन्टीन सेंटर में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की है। सेंटर में पांच दिनों से रह रहे कालिका निवासी नरेंद्र सिंह ने कहा कि दिल्ली से आने के कारण 21 लोग संस्थागत क्वारन्टीन में है। भोजन में चावल दाल ही मिल रहा है। नए आने वालों को भी उन्हीं के साथ रखा जा रहा है, जिससे क्वारन्टीन का कोई फायदा नहीं है। नए लोगों को समय के अनुसार अलग रखना चाहिए। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। हरिद्वार से कल सेंटर में पहुचे जगत सिंह ने कहा कि उनके साथ आठ लोग पहुचे थे। सोने के लिए उचित इंतजाम नहीं था। सोशल डिस्टेंसिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि सैकड़ों नेपाली नागरिकों के लिए तो पूरा प्रशासन एकजुट होकर उनकी व्यवस्था में लगा था लेकिन भारतीय लोगों के लिए इतनी गंभीरता नहीं है। उप जिला अधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि सेंटरों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। आने वालों की सही जानकारी नहीं मिल पाने के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं कल से सारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। दिल्ली से शुक्रवार की शाम धारचूला पहुंची कुछ महिलाओं ने बलुवाकोट आश्रम पद्धति के क्वारन्टीन सेंटर में जाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि धारचूला के लोगों को नगर में ही क्वारन्टीन किया जाना चाहिए, जिससे कि परिवार के लोग भी उनकी देखभाल कर सकें। नायब तहसीलदार मनीषा बिष्ट द्वारा दो दिन बाद केंद्रीय विद्यालय निगालपानी में शिफ्ट करने के आश्वासन पर तीन घंटे बाद सभी बलुवाकोट जाने को राजी हुई।
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