पिथौरागढ़ में जल जंगल जमीन और मजदूरों के हितों को लेकर हुई बैठक में मौजूद लोग।
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पिथौरागढ़। राज्य आंदोलनकारियों और जाग उठ पहाड़ संगठन की बैठक में जल, जंगल, जमीन और पलायन की रोकथाम पर चर्चा की गई। इस दौरान जल, जंगल, जमीन को बचाने और मजदूरों के हितों की रक्षा करने का आह्वान किया गया।
कुमौड़ में शनिवार को हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन पलायन रोकने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। स्थानीय बेरोजगार युवाओं, पहाड़ के शिल्पियों के पलायन को रोकने और बेरोजगारी के समाधान के लिए सरकारी विभागों में डी श्रेणी के ठेकेदार स्थानीय कुशल कारीगरों को साथ लेकर भवनों का निर्माण कर रहे हैं। आरोप लगाया कि दिल्ली, गाजियाबाद की बड़ी-बड़ी कंपनियां बड़े स्तर पर कार्य को लेकर लोगों के साथ छल कर रही है।
छोटे स्तर पर अन्य प्रदेशों के लोग मजदूर बनकर आए थे। वह निजी भवनों के ठेके लेकर ठेकेदार बन गए हैं। इस कारण हमारे युवा अन्य प्रदेशों में मजदूरी कर रहे हैं जबकि अन्य प्रदेशों से आए मजदूर यहां आकर इंजीनियर और ठेकेदार बन गए हैं। पहाड़ पर अपराध की बढ़ोतरी की घटनाओं में भी अधिकतर बाहरी राज्यों के लोग ही लिप्त रहते हैं। बैठक में राज्य आंदोलनकारी गोपू महर, मनोज मेहता, करुणेश अधिकारी, धीरेंद्र सिंह, युद्धिठर चंद, विनीत पाठक, होशियार लुंठी, दिव्यांश चौहान मौजूद रहे।