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धापा के सौ से अधिक परिवारों को नहीं मिला मुआवजा

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मुनस्यारी के भदेली गांव में जमीन धंसने से फटी मकान की दरारें। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। हर साल आपदा का दंश झेलने वाले सीमांत मुनस्यारी के ग्रामीणों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। भदेली गांव के परिवारों को विस्थापित करने के लिए स्थल चयनित नहीं हो पाया है। धापा गांव में सौ से अधिक परिवार ऐसे हैं जो मुआवजे की आस में खतरा बने भवनों में रहने के लिए मजबूर हैं।
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मुनस्यारी के आपदा प्रभावित गांव धापा में 2013 से लगातार भूस्खलन के कारण स्थितियां गंभीर बनी हुई हैं। इस गांव में जमीन में दरारें पड़ने और धंसने से पूरा गांव खतरे की जद में आ गया है। गांव में डेढ़ सौ से अधिक परिवार रहते हैं। प्रशासन ने पुनर्वास के लिए केवल 56 परिवारों को ही मुआवजा दिया है जबकि सौ से अधिक परिवार मुआवजे की आस में खतरा बने घरों में ही रह रहे हैं। नरु राम का परिवार प्राथमिक विद्यालय में रहने को मजबूर है।
वहीं आपदा प्रभावित गांव जोशा में सभी 27 परिवारों को मुआवजा मिल चुका है जिनमें से 22 परिवारों के घर बन चुके हैं। शेष लोगों के घर निर्माण पूर्ण होने की स्थिति में हैं। गांव के तीन परिवार अब भी प्राथमिक विद्यालय के भवन में रह रहे हैं जिनमें दुर्गा राम, डिगर राम और मंगल राम के परिवार हैं।
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जोशा के प्रधान राजेश रोशन ने बताया कि अधिकतर लोगों के घर लगभग बन चुके हैं शेष पूर्ण होने की स्थिति में हैं। सबसे खराब हाल आपदा प्रभावित गांव भदेली के हैं। पूरे गांव के निचले और ऊपरी हिस्से में दरारें पड़ चुकी हैं। मकानों की दीवारों में एक फीट से अधिक चौड़ी दरारें आई हैं। इसके बावजूद इन परिवारों का पुनर्वास नहीं हो पाया है जहां पर प्रशासन ने जगह चयनित की है वहां ग्रामीण सहमत नहीं हैं, इस कारण इनके पुनर्वास की कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में खतरा बने गांव में रह रहे परिवारों के साथ कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन को गोरी नदी निगल चुकी है। जमीन धंसने से मकानों में भी दरारें पड़ चुकी हैं। बरसात में हर समय खतरा बना रहता है।
आपदा को देखते हुए पूरे तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में रह रहे लोगों को सचेत किया गया है। धापा के शेष परिवारों की फाइल शासन को भेजी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी उन परिवारों को भी मुआवजा दिया जाएगा। -एके सिंह, तहसीलदार मुनस्यारी।
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