धारचूला (पिथौरागढ़)। आपदाग्रस्त एलधारा क्षेत्र में सुरक्षा से संबंधित निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से आक्रोशित लोगों ने बुधवार को तहसील मुख्यालय में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने कार्य शीघ्र शुरू नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आपदा संघर्ष समिति के अध्यक्ष नेत्र कुंवर के नेतृत्व में धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि शासन-प्रशासन के दावों के बाद भी आपदाग्रस्त क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सिंचाई विभाग ने निविदा आमंत्रित की लेकिन अब तक खोली नहीं गई है। इसके चलते निर्माण कार्य शुरू होने में बाधा आ रही है। आरोप लगाया कि राहत शिविर में रह रहे खोतिला के आपदा पीड़ितों की भी लंबे समय से सुध नहीं ली गई है।
मल्ली बाजार के आपदा पीड़ित व्यापारियों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। समिति के लोगों ने एसडीएम दिवेश शाशनी से मुलाकात कर सात दिनों में कार्य शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, प्रधुम्न गर्ब्याल, श्याम चंद्र खर्कवाल, रमेश कुटियाल, प्रभात सिंह, नृप गर्ब्याल, विक्रम पारीख, चंदन बिष्ट, कमल कौशल, पूर्व पालिका अध्यक्ष जय सिंह दानू आदि मौजूद थे।
टेंडर प्रक्रिया में देरी चहेते को काम देने में हो रही है। भाजपा अपने चहेते को काम देना चाहती है। टेंडर में हो रही देरी धारचूला की सुरक्षा के लिए खतरा है। -भूपेंद्र थापा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष।
सरकार आपदाग्रस्त क्षेत्रों में निर्माण कार्य एवं खोतिला आपदा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। एलधारा में सुरक्षा से संबंधित निर्माण के लिए सरकार ने बीस करोड़ स्वीकृत करते हुए टेंडर जारी कर दिया है जिसकी प्रक्रिया जल्दी ही पूरी होकर कार्य शुरू हो जाएगा। संघर्ष समिति का धरना राजनीति से प्रेरित है। -धन सिंह धामी, ब्लॉक प्रमुख।