मूनाकोट (पिथौरागढ़)। धारीऐर गांव के धूरा तोक के ग्रामीण सुबह से शाम तक पानी की व्यवस्था करने में लगे रहते हैं। इस तोक के 25 लोगों को पांच किमी दूर जंगल में स्थित धारे से अपने परिवार और जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। ग्रामीणों का अधिकतर समय पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता है।
गांव के गोपाल राम और दुर्गाराम ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। अनुसूचित जाति के इस गांव के लोग अब जिलाधिकारी से पेयजल समस्या से निजात दिलाने की मांग करने की तैयारी में हैं। धारीऐर की प्रधान रीना देवी ने बताया ग्रामीण आज भी पानी के लिए 10 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। पांच किमी उन्हें पानी लेने के लिए जाना पड़ रहा है और फिर भरे हुए बर्तनों को पीठ में लाद घर तक पानी पहुंचाना पड़ता है।
अपने लिए तो जैसे-तैसे पानी की व्यवस्था हो जाती है लेकिन मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाने से वह कई बार प्यासे ही रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव के समय राजनीतिक दलों के प्रत्याशी बड़े-बड़े वादे करते हैं। हर बार पानी पहुंचाने का दावा करते हैं लेकिन अब तक एक इंच भी कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। यहां तक कि जल जीवन मिशन का पानी भी अब तक गांव में नहीं पहुंच पाया है।
धारीऐर ग्राम सभा में जल जीवन मिशन का काम चल रहा है। जैसे ही योजना शुरू हो जाएगी तो सभी तोकों के लोगों को पानी मिलने लगेगा। -राजेश सैनी, सहायक अभियंता जल निगम पिथौरागढ़।