गंगोलीहाट में कथा के बाद प्रसाद ग्रहण करते लोग। संवाद
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। मां छिमाल देवी मंदिर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के सातवें दिन शास्त्री किशोर जोशी ने कथा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जो भगवान राम के आदर्शों पर चलेगा, उसी का उद्धार संभव है। कहा कि प्रभु राम की परंपरा पर हम सभी को गौरव की अनुभूति होती है। बताया कि कैकई ने राजा दशरथ से दो वरदान मांगे जिसमें राम को बनवास और भरत को राजगद्दी देना प्रमुख था। बताया कि अधर्म के विनाश के लिए प्रभु राम के संकल्प को पूरा करने में माता कैकई का अतुलनीय योगदान रहा। उन्होंने राम वनवास का प्रसंग भी सुनाया। कहा कि वन को चले अवध के राम, अपनी अवधपुरी को करके बारंबार प्रणाम, राम लखन सिय वन को चले हैं छोड़, अयोध्या धाम वन को चले अवध के राम से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। दस दिनों तक चलने वाली भागवत कथा में रोज हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु करते हैं प्रसाद ग्रहण
गंगोलीहाट। मां छिमाल देवी मंदिर हाट में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा में शाम 6 बजे आरती के बाद रोज हजारों लोग महाभोज का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। महाभोज तैयार करने में अनेक गांव के 4 दर्जन से अधिक भक्त अपनी सेवा दे रहे हैं। संवाद